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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दक्षिण सागर पर चीन ने भारत को किया आगाह

By Manish NegiEdited By:
Updated: Wed, 09 Nov 2016 06:20 PM (IST)

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि ऐसा करने पर भारत को द्विपक्षीय व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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बीजिंग, प्रेट्र। दक्षिण चीन सागर पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले का पालन करने से चीन ने एक बार फिर इन्कार किया है। इस दिशा में जापान के साथ मिलकर पहल करने की कोशिशों को लेकर उसने भारत को भी आगाह किया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि ऐसा करने पर भारत को द्विपक्षीय व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि इसी साल जुलाई में अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने दक्षिण चीन सागर पर चीन का एकाधिकार खारिज कर दिया था।

ग्लोबल टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सप्ताह होने वाली जापान यात्रा को लेकर मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए यह बात कही है। इन खबरों में बताया गया है कि न्यायाधिकरण का फैसला मानने के लिए चीन पर दबाव बढ़ाने के मकसद भारत और जापान संयुक्त बयान जारी कर सकते हैं। अखबार ने कहा है, 'भारत को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि विवादों में उलझकर वह अमेरिका की कठपुतली बन सकता है। उसे चीन की ओर से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, खासतौर पर उद्योग और व्यापार के मामले में।'

अखबार ने कहा है कि जापान की मदद से चीन के साथ संतुलन साधने की रणनीति भी भारत के लिए फायदेमंद नहीं होगी। इससे दोनों देशों के बीच अविश्वास ही बढ़ेगा। इसके बजाय भारत और चीन को अपने व्यापार संबंधों में असंतुलन जैसी समस्याओं को सुलझाने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।

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