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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'भारत पर दबाव बनाने में सहायक होंगे चीन बांग्‍लादेश के बढ़ते संबंध'

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Wed, 12 Oct 2016 03:05 PM (IST)

चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को बांग्‍लादेश दौरे पर जाएंगे। इसको लेकर वहां की मीडिया ने लिखा है कि चीन बांग्‍लोदश के बीच यह संबंध भारत पर दबाव बनाने में कामयाब होगा।

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बीजिंग (आईएएनएस)। चीनी मीडिया का मानना है कि चीन और बांग्लादेश के बीच रिश्तों के नए समीकरण से वह भारत पर दबाव बनाने में कामयाब हो पाएगा। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में चीन और बांग्लादेश के रिश्तों पर लिखेे गए एक संपादकीय में कहा गया है कि इसके बाद दाेनों देश मिलकर भारत पर चीन से संबंध मधुर बनाने को लेकर दबाव बनाने में सफल हो सकेंगे।

भारत का प्रभाव कम करने को नहीं 'शी' का दौरा

इसमें कहा गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शुक्रवार से शुरू हो रहे बांग्लादेश दौरे पर दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत होनी है। इसके बाद राष्ट्रपति शी भारत के गोवा में दो दिन चलने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने जाएंगे। अखबार ने लिखा है कि चीन और बांग्लादेश के मजबूत होते संबंधों से भारत को न तो घबराने की जरूरत है और न ही इससे चिढ़ने की जरूरत है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग ऐसा मानते हैं कि राष्ट्रपति शी का यह दौरा दक्षिण एशिया में भारत का प्रभाव कम करने को लेकर है, वह गलत हैं।

30 वर्षों में किसी चीनी राष्ट्रपति का पहला ढाका दौरा

गौरतलब है कि पिछले तीस वर्षों में किसी भी चीन के राष्ट्रपति की यह पहली बांग्लादेश यात्रा है। इस संपादकीय में लिखा है कि शी जिनपिंग के इस बांग्लादेश दौरे से भारत को भी उतना ही फायदा होना जितना बांग्लादेश को होगा। उनका यह दौरा भारतीय बाजार के लिए स्थितियों को और बेहतर करेगा। अखबार ने लिखा है कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी बातचीत होगी। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत सोचता है कि चीन ने सीमा के नजदीक रोड और अन्य सुविधाएं इसलिए बढ़ाई हैंं कि वह इसके जरिए भारत को साधना चाहता है। लेकिन उनकी यह सोच गलत है।

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