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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाफिज सईद की नजरबंदी को लाहौर हाई कोर्ट में चुनौती दी

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Sat, 04 Feb 2017 03:35 AM (IST)

दायर की गई अर्जी में जमात-उद-दावा प्रमुख को कश्मीर मुद्दा जीवित रखने के लिए गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने का दावा किया गया है।

हाफिज सईद की नजरबंदी को लाहौर हाई कोर्ट में चुनौती दी
हाफिज सईद की नजरबंदी को लाहौर हाई कोर्ट में चुनौती दी

लाहौर, प्रेट्र। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की नजरबंदी को चुनौती देते हुए वकील सरफराज हुसैन ने लाहौर हाई कोर्ट में अर्जी दायर की है। शुक्रवार को दायर की गई अर्जी में जमात-उद-दावा प्रमुख को कश्मीर मुद्दा जीवित रखने के लिए गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने का दावा किया गया है। सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है।

सरकार ने सोमवार को सईद और उनके चार सहयोगियों अब्दुल्ला उबैद, जफर इकबाल, अब्दुर रहमान आबिद और काजी काशिफ नियाज को लाहौर में नजरबंद कर दिया। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने सईद और जमात एवं फलह-ए-इंसानियत के 37 सदस्यों के देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है।

वकील ने अपनी अर्जी में कहा है कि जमात के प्रमुख को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत गैरकानूनी तौर पर हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा है, 'सरकार ने सईद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए हिरासत में लिया है। इसका कारण यह है कि उन्होंने कश्मीर मुद्दे को जीवित रखा है। लेकिन भारतीय कश्मीर में जनमत संग्रह कराने संबंधी सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव अभी तक लागू नहीं हुआ है।'

हाई कोर्ट से अपनी अर्जी स्वीकार करने की गुहार लगाते हुए हुसैन ने सईद को अविलंब रिहा करने की मांग की है। उन्होंने बराबरी और स्वच्छ न्याय सुनिश्चित करने के लिए के लिए उनकी रिहाई को जरूरी बताया है। जमात-उद-दावा से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा है कि सईद जल्दी ही अपनी हिरासत को चुनौती देंगे। हुसैन की अर्जी में उनका संगठन कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है।

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