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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी का फ्रांस दौराः परमाणु ऊर्जा और स्मार्ट सिटी पर भी समझौते

By Sachin kEdited By:
Updated: Sat, 11 Apr 2015 12:42 PM (IST)

भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम देते हुए शुक्रवार को 17 समझौते किए हैं। इसमें फ्रांस के 36 राफेल जेट विमान खरीदने के साथ ही परमाणु समझौते समेत रेलवे, अंतरिक्ष आदि के क्षेत्र में अहम करार शामिल हैं। इसके अलावा, फ्रांस ने भारत में दो अरब यूरो

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पेरिस [जागरण न्यूज नेटवर्क]। भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय संबंधों को नए आयाम देते हुए शुक्रवार को 17 समझौते किए हैं। इसमें फ्रांस के 36 राफेल जेट विमान खरीदने के साथ ही परमाणु समझौते समेत रेलवे, अंतरिक्ष आदि के क्षेत्र में अहम करार शामिल हैं। इसके अलावा, फ्रांस ने भारत में दो अरब यूरो (करीब 62 अरब रुपये) का निवेश करने का ऐलान किया है। इस रकम से फ्रांस ने भारत में तीन स्मार्ट सिटी विकसित करने में मदद का वायदा किया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने बताया कि इनमें पुडुचेरी और नागपुर शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा भारत के रक्षा तंत्र को मजबूती दिलाने में बेहद अहम हुई। इस दौरान फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पक्की कर दी है। मोदी ने ओलांद से कहा कि उन्हें सरकार से सरकार के समझौते के आधार पर तत्काल उडऩे वाली हालत में 36 विमान चाहिए। फ्रांस के रक्षा सूत्र के अनुसार 36 राफेल विमानों का यह सौदा तीन साल से लंबित 126 राफेल विमानों के सौदे से इतर है।

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उल्लेखनीय है कि 126 राफेल विमानों की कीमत 12 अरब डॉलर है। प्राथमिक रूप से भारत को 108 राफेल जेट विमानों की आवश्यकता है जिनका निर्माण भारत में ही एचएएल करेगा। तीन साल से अटके पड़े इस अहम सौदे को नई जान देने के साथ ही भारतीय वायु सेना के पुराने पड़ते विमानों के बेड़े को भी ताकत मिलेगी। इसी तरह महाराष्ट्र के जैतापुर में परमाणु संयंत्र लगाने को लेकर भी फ्रांस के साथ नए सिरे से सहमति बन गई है। जैतापुर में फ्रांस की कंपनी एरेवा की मदद से छह परमाणु संयंत्र शुरू होंगे। भारत में लगने वाले इन संयंत्रों से दस हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होना है।

दोनों देशों के बीच समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद की बातचीत पेरिस के एल्सी पैलेस में हुई। इसके बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में मोदी ने कहा कि ऐसा कोई पक्ष बाकी नहीं रहा जिसमें भारत और फ्रांस सहयोग नहीं करेंगे। इससे पहले, ओलांद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन किया। उन्होंने सीईओ फोरम में भारत में तीन स्मार्ट सिटी बनाने में दो अरब यूरो (करीब 62 अरब रुपये) के निवेश का ऐलान किया।

इस मौके पर मोदी ने भी फ्रांसीसी निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत से बड़ा कोई बाजार नहीं है। पिछले छह महीनों से भारत सबसे तेजी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था है। विश्व बैंक से लेकर रेटिंग एजेंसी मूडी तक ने एक स्वर में भारत को सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था कहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद ने इन समझौतों पर शुक्रवार को दस्तखत किए। दोनों नेताओं ने रक्षा, परमाणु, आर्थिक, सांस्कृतिक, रेलवे और शैक्षणिक क्षेत्रों के अलावा नवीन और परिवर्तनीय ऊर्जा, पर्यटन, आयुर्वेद, स्किल डेवलेपमेंट, विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में भी समझौते किए।

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