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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोसुल में आइएस ने की 58 बागियों की निर्मम हत्या

By Manish NegiEdited By:
Updated: Fri, 14 Oct 2016 08:56 PM (IST)

आतंकी संगठन आईएस ने इराक के मोसुल में अपने 58 सदस्यों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी है।

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बगदाद, रायटर। इराक के मोसुल में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने अपने 58 सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी। स्थानीय कमांडर के नेतृत्व में ये लड़ाके इराकी सैनिकों की मदद की तैयारी कर रहे थे। इस महीने के अंत में इस शहर पर नियंत्रण के लिए सैन्य अभियान शुरू होने की उम्मीद है। मोसुल पर 2014 में आइएस ने कब्जा किया था और यह इराक में उसकी स्वयंभू खिलाफत की राजधानी है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार बागियों की हत्या पिछले सप्ताह की गई। हत्या के बाद उन्हें शहर के बाहरी इलाके में एक खाली पड़ी जमीन में सामूहिक रूप से गाड़ दिया गया। इनका नेतृत्व करने वाला स्थानीय कमांडर आइएस सरगना अल बगदादी का करीबी माना जाता था। आइएस से जुड़े मामलों पर इराकी सरकार के सलाहकार हिशाम अल हाशिमी ने बताया कि बागियों में से एक फोन पर हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की बात कहते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बताया कि तीन जगहों पर हथियार छिपा कर रखे गए हैं। इनका इस्तेमाल बागी उस वक्त करते जब इराकी सेना मोसुल के करीब पहुंच जाती।

चार अक्टूबर को आइएस ने इन तीन जगहों पर छापा मारकर हथियार जब्त किए। स्थानीय नागरिकों के अनुसार इनलोगों की हत्या की जानकारी आइएस ने उनके परिवार को दी, लेकिन परिजनों को शव सौंपने से इन्कार कर दिया। निनवेह प्रांत में सैन्य अभियान से जुड़े कर्नल अहमद अल ताई ने बताया कि इस घटना के बाद आइएस ने अपने स्थानीय कमांडरों के लिए एक विशेष पहचान पत्र जारी किया है। परिवार के साथ मोसुल से कमांडरों को भागने से रोकने के लिए ऐसा किया गया है।

सैन्य अभियान को देखते हुए पूरे शहर में आतंकियों ने बंकर बनाए हैं। बच्चों की जासूस के तौर पर भर्ती की गई है। माना जा रहा है कि इस शहर से आतंकियों को खदेड़ने का अभियान इराक में 2003 के अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद की सबसे भीषण लड़ाई हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि सैनिकों को रोकने के लिए आतंकी आम नागरिकों का ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

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