विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रंप की धमकी बेअसर, उत्तर कोरिया ने फिर किया बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sun, 12 Feb 2017 09:25 AM (IST)Updated: Sun, 12 Feb 2017 06:10 PM (IST)

उत्‍तर कोरिया ने एक बार फिर से अमेरिका की धमकी को दरकिनार कर बैलिस्टिक मिसाइल टेस्‍ट किया है। यह टेस्‍ट आज सुबह करीब 7 बजकर 55 मिनट पर किया गया।

ट्रंप की धमकी बेअसर, उत्तर कोरिया ने फिर किया बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण
ट्रंप की धमकी बेअसर, उत्तर कोरिया ने फिर किया बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण

सियोल, एएफपी। नवागत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने चुनौती पेश करते हुए उत्तर कोरिया ने रविवार सुबह बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। मिसाइल परीक्षण का यह दावा पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने किया है, जो उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर खास नजर रखता है।

बैलेस्टिक मिसाइल लंबी दूरी पर स्थित लक्ष्य को सटीक निशाना बनाने में सक्षम होती है। लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इसे आइसीबीएम का परीक्षण न बताते हुए केवल लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण बताया है। जानकारी के अनुसार बैलेस्टिक मिसाइल उत्तर प्योंगान प्रांत में स्थित बांघयोन एयरबेस से छोड़ी गई, जो पांच सौ किलोमीटर की दूरी तय करके जापान सागर में जाकर गिरी।

यह मिसाइल किस वर्ग की थी, इसका सही पता नहीं लग सका है। वैसे उत्तर कोरिया हाल के महीनों में मध्यम दूरी की अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (आइसीबीएम) के परीक्षण की लगातार कोशिश कर रहा था। इसके लिए अमेरिका ने उसे चेतावनी भी दी थी। आइसीबीएम के परीक्षण से उत्तरी कोरिया अमेरिका पर परमाणु हमले में खुद को सक्षम बनाना चाहता है। उत्तर कोरिया अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया और जापान के प्रति दुश्मनी का भाव रखता है।

जबकि दोनों देशों से रणनीतिक गठबंधन रखने वाले अमेरिका के प्रति भी उत्तरी कोरिया में बैर भाव है। मिसाइल परीक्षण की तैयारियों की सैटेलाइट तस्वीर देखने के बाद हाल ही में अमेरिका के नए रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने उत्तर कोरिया को कोई नया परीक्षण करने पर दुष्परिणामों की चेतावनी दी थी। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उत्तर कोरिया ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए ताजा मिसाइल परीक्षण किया है। अक्टूबर 2016 में इसी एयरबेस ने उत्तर कोरिया ने दो मिसाइलों का परीक्षण किया था। परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया फिलहाल दक्षिण कोरिया और जापान पर मिसाइल हमला करने में सक्षम है।

हमले की सूरत में नॉर्थ कोरिया पर न्यूक्लियर अटैक करने से नहीं हिचकेगा US

ट्रंप को चुनौती

माना जा रहा है कि नॉर्थ कोरिया ने यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को चुनौती देने के लिए उठाया है।
गाैरतलब है कि उत्तरी कोरिया इससे पहले भी इस तरह के परीक्षण कर चुका है। दक्षिण कोरिया का कहना है कि उसके इस रवैये से क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने इससे पहले कहा था कि उनका देश लंबी की दूरी के मिसाइल परीक्षण करने के करीब है। हालांकि फिलहाल इस मिसाइल को लेकर अन्य कोई जानकारी नहीं है।

रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने दक्षिण कोरिया के दौरे पर कहा था कि यदि उत्तर कोरिया ने परमाणु हमले का दुस्साहस किया तो उसे इसका खामियाजा भुगतना होगा। उन्होंने साफ कर दिया था कि वह ऐसे में वहां पर परमाणु हमला करने से भी नहीं चूकेगा। इसके अलावा ट्रंप ने भी जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे को आश्वस्त किया था कि वह अपने एशियाई सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अमेरिका और जापान ने किया संयुक्त मिसाइल परीक्षण

हम 100 प्रतिशत जापान के साथ : ट्रंप

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान को अमेरिका का महान मित्र बताते हुए उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण को बर्दाश्त न करने वाला कृत्य करार दिया है। कहा है कि जापान की सुरक्षा के लिए अमेरिका पूरी तरह से उसके साथ खड़ा है। अमेरिका के सहयोग पर शक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, वह 100 प्रतिशत जापान के साथ है। ट्रंप जापानी के प्रधानमंत्री शिंजो एबी के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।