यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अफगानिस्तान और तालिबान के बीच फिर शुरू हुई शांति वार्ता
ब्रिटिश अखबार गार्जियन के मुताबिक, तालिबान और अफगानिस्तान के बीच गुप्त शांति वार्ता शुरू हो गई है।

इस्लामाबाद, (रायटर)। तालिबान और अफगानिस्तान सरकार के बीच दोबारा गुप्त शांति वार्ता शुरू हो गई है। कतर में पिछले महीने दोनों पक्षों में दो दौर की वार्ता हुई। इसमें वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक तो मौजूद रहे, लेकिन पाकिस्तान की कोई भागीदारी नहीं रही। यह दावा ब्रिटिश अखबार गार्जियन ने किया है।
अखबार ने बताया कि कतर वार्ता में अफगान तालिबान के संस्थापक मुल्ला मुहम्मद उमर का भाई मुल्ला अब्दुल मनन भी मौजूद था। मुल्ला उमर की 2013 में मौत हो चुकी है। हालांकि नई वार्ता पर काबुल की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। तालिबान ने कतर में अपना राजनयिक दफ्तर भी खोल रखा है। इसके पहले पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं हुई थी। यह वार्ता इस साल मई में पाकिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में तालिबान के पूर्व सरगना मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने के बाद बंद हो गई थी।
गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध पिछले साल से अच्छे नहीं हैं। उस समय अफगानिस्तान और अमेरिका ने उस पर तालिबान को बढ़ावा देने और वार्ता की मेज पर उसे लाने के लिए कुछ भी नहीं करने का आरोप लगाया था।

