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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पैगंबर का कार्टून छापने वाली पत्रिका के दफ्तर पर हमला, 12 की मौत

By Murari sharanEdited By:
Published: Wed, 07 Jan 2015 05:19 PM (IST)Updated: Thu, 08 Jan 2015 05:53 AM (IST)

आतंकवाद के कहर से दूर रहे फ्रांस को अब निशाना बनाया गया है। चालीस साल बाद फ्रांस में हुआ अब ...और पढ़ें

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पेरिस। आतंकवाद के कहर से दूर रहे फ्रांस को अब निशाना बनाया गया है। चालीस साल बाद फ्रांस में हुआ अब तक का ये सबसे बड़ा आतंकी हमला है। पेरिस में बुधवार को विवादास्पद साप्ताहिक फ्रेंच पत्रिका के दफ्तर पर हमले में कम से कम बारह लोग मारे गए। इनमें पत्रिका के संपादक समेत दस पत्रकार और दो सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। पैगंबर के अपमान का बदला लेने का ऐलान करते हुए कुछ सशस्त्र नकाबपोशों ने राकेट लांचर और एके-47 रायफलों से अंधाधुंध फायरिंग की।

तीन सशस्त्र हमलावर चार्ली हेब्दो पत्रिका के मुख्यालय की इमारत में घुसने के बाद पैगंबर का बदला लिया और अल्लाह ओ अकबर बोलते सुने गए। स्थानीय समय के अनुसार 11.30 बजे हुए इस आतंकी हमले में पत्रिका के मुख्यालय में खून की होली खेली गई जिसमें कम से कम बारह लोग मारे गए। सुरक्षा बलों ने जवाबी फायरिंग की। इमारत से बाहर निकलते हुए सड़क पर भी आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। हमले के वक्त संपादकीय विभाग की बैठक चल रही थी। मरने वालों में पत्रिका के संपादक स्टीफेन कारबोनियर उर्फ कार्ब, तीन कार्टूनिस्ट जीन काबू, जार्ज वूलिन्सकी उर्फ टिगनस, आर्थिक रिपोर्टर बर्नाड मारिस समेत दस पत्रकार और दो पुलिस कर्मी शामिल हैं। घायल बीस लोगों में पांच की हालत गंभीर है। पत्रिका के प्रधान संपादक गेरार्ड बियार्ड लंदन दौरे पर होने के कारण बच गए। खूनखराबे के बाद तीनों आतंकी एक कार अपने कब्जे में लेकर पूर्वी पेरिस की ओर भाग निकले। पुलिस ने आतंकियों का तलाशी अभियान जोरशोर से छेड़ दिया है।

फ्रांस में हाई अलर्ट

सरकार ने वृहद पेरिस क्षेत्र समेत पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया है। कड़ी सुरक्षा के बीच घटनास्थल के पास के सभी प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वां ओलांद ने हमले के बाद मध्य पेरिस स्थित घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि चार्ली हेब्दो पत्रिका के दफ्तर पर गोलीबारी स्तब्ध कर देने वाला आतंकी हमला है। ये अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है। पत्रिका को पहले भी हमले की धमकियां मिलती रही थीं इसलिए यहां सुरक्षा प्रबंध भी थे। अभी तक किसी आतंकी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। ओलांद ने आपात कैबिनेट बैठक भी बुलाई।

मोदी ने की हमले की निंदा

इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस के आतंकी हमले की कड़ी भ‌र्त्सना करते हुए कहा कि ये बहुत ही घृणित कृत्य है। उनकी संवेदनाएं फ्रांस के लोगों के साथ हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड केमरून ने पत्रिका के दफ्तर पर आतंकी हमले की निंदा करते हुए इसे बीमार मानसिकता करार दिया।

इस्लाम विरोधी मानी जाती है पत्रिका

पेरिस। इस्लाम विरोधी मानी जाने वाली चार्ली हेब्दो नामक साप्ताहिक पत्रिका धार्मिक कïट्टरवाद पर तंज कसती रही है। इस फ्रेंच पत्रिका ने फरवरी 2006 में डेनमार्क के अखबार जायलैंड पोस्टेन में छपे पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों की शृंखला को वर्ष 2011 में दोबारा प्रकाशित किया था। उसके बाद दफ्तर में आगजनी हुई थी। हाल ही में चार्ली हेब्दो के एकाउंट पर किए गए ट्वीट में आतंकी गुट आइएस सरगना अबू बकर अल बगदादी का भी मजाक बनाया गया। पत्रिका के संपादक स्टीफेन कारबोनियर को हत्या की धमकी मिल चुकी थी और उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी।

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