यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आतंकी गुटों के खिलाफ सख्त कदम उठाए यूएन
भारतीय राजदूत ने अफगानिस्तान के मसले पर यूएन महासभा में चर्चा के दौरान आतंकियों के खिलाफ और कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई।

संयुक्त राष्ट्र, प्रेट्र । भारत ने संयुक्त राष्ट्र से आतंकी गुटों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है। यूएन में भारत के राजदूत सैय्यद अकबरुद्दीन ने कहा कि ऐसे कुछ समूहों के खिलाफ प्रतिबंधों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी से संयुक्त राष्ट्र की शक्ति में कमी का संकेत जाएगा।
भारतीय राजदूत ने अफगानिस्तान के मसले पर यूएन महासभा में चर्चा के दौरान आतंकियों के खिलाफ और कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, 'यूएन को इस दिशा में और कदम उठाना चाहिए ताकि आतंकियों को सही संदेश दिया जा सके। तालिबान के नेता को आतंकी घोषित करने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसे गुटों के खिलाफ उचित कार्रवाई को लेकर आतुर है।
वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा परिषद और इसके अधीन आने वाले विभागों द्वारा एकजुट होकर समुचित कदम नहीं उठाने पर सदस्य देशों द्वारा इन्हें नजरअंदाज करने का खतरा बढ़ जाएगा।' अकबरुद्दीन ने लश्कर, जैश-ए-मुहम्मद, तालिबान, आइएस और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों के सर्मथकों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होने पर भी चिंता जताई। इस दौरान अफगानिस्तान को समर्थन देने वाले प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया।

