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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Uttarakhand Tunnel Rescue: बचाव अभियान के बाद CM पटनायक ने टीमों को कहा धन्यवाद, बोले- अब हमारे लोग सुरक्षित घर लौटेंगे

    By Jagran NewsEdited By: Shubham Sharma
    Updated: Tue, 28 Nov 2023 11:37 PM (IST)

    मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि सफल बचाव अभियान के बारे में जानकर मुझे बेहद खुशी हुई और मुझे बहुत खुशी है कि हमारे लोग सुरक्षित घर लौटेंगे। यहां बता ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बचाव टीमों को कहा धन्यवाद। (फाइल फोटो)
    मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बचाव टीमों को कहा धन्यवाद। (फाइल फोटो)

    संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग में 17 दिनों से फंसे मजदूरों के सफल बचाव अभियान की खबर आते ही मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राहत की सांस लेते हुए कई दिनों से ऑपरेशन में लगे विभिन्न बचाव दलों को धन्यवाद दिया।

    सीएम पटनायक ने कहा मुझे बहुत खुशी

    मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि सफल बचाव अभियान के बारे में जानकर मुझे बेहद खुशी हुई और मुझे बहुत खुशी है कि हमारे लोग सुरक्षित घर लौटेंगे। यहां बता दें कि सुरंग में फंसे 41 मजदूरों में से पांच ओडिशा के हैं. राज्य सरकार ने एक टीम और फंसे हुए उड़िया मजदूरों के परिवार के सदस्यों को सिल्कयारा सुरंग के बचाव स्थल पर भेजा है।

    मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उत्तराखंड सरकार, एनडीआरएफ और रक्षा दल को धन्यवाद दिया है और कहा है कि इससे साबित होता है कि भारत अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए कुछ भी कर सकता है। 12 नवंबर को उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग ढहने के बाद ओडिशा के पांच मजदूर, बड़ाकुदर के धीरेन नायक और मयूरभंज जिले के जोगीबंध के विश्वेश्वर नायक, बालेश्वर जिला के कुलडीहा के राजू नायक, नबरंगपुर के भगवान भतरा और खुर्दा जिले के शंकरशानपुर के तपन मंडल 36 मजदूरों के साथ फंस गए थे।

    कुल 41 श्रमिक फसे थे सुरंग में

    इन सभी उड़िया मजदूरों को 36 अन्य लोगों के साथ आज देर शाम बचा लिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इन सभी का फूल मालाओं से स्वागत किया। बचाए गए उड़िया श्रमिकों में तपन मंडल पहले व्यक्ति थे। उसके बाद भगबानन, बिसेश्वर, धीरेन को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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    बचाव दल द्वारा बचाए जाने के तुरंत बाद उनमें से प्रत्येक को यह पता लगाने के लिए अस्पताल ले जाया गया कि उन्हें कोई समस्या है या नहीं, उनकी गहन चिकित्सा जांच की जाएगी। इस बीच, बचाए गए ओडिशा के श्रमिकों के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने रेस्क्यू टीम के काम की जमकर तारीफ की और उन्हें दिल से धन्यवाद दिया।

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