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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bhubaneshwar: मंत्रोच्चार के बीच हुआ श्री जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा पथ का लोकार्पण, गजपति महाराज ने महायज्ञ में दी पूर्णाहुति

    By Jagran News Edited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Thu, 18 Jan 2024 06:30 AM (IST)

    बुधवार को श्रीजगन्नाथपुरी में ऐतिहासिक श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प के लोकार्पण के साथ एक नया अध्याय जुड़ गया है और मंदिर के चारों द्वार पर चल रहे महायज ...और पढ़ें

    श्री जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा पथ का बुधवार को हुआ लोकार्पण (फाइल फोटो)
    श्री जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा पथ का बुधवार को हुआ लोकार्पण (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 800 करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण

    जागरण टीम, पुरी। श्रीजगन्नाथपुरी में ऐतिहासिक श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प के लोकार्पण के साथ ही बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है। मंदिर के चारों द्वार पर चल रहे महायज्ञ में गजपति महाराज ने पूर्णाहुति दी।

    निर्धारित समय के अनुसार वेद मंत्रोच्चारण और जय जगन्नाथ के जयकारे के बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (CM Naveen Patnaik) ने दोपहर 1:26 बजे श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प का लोकार्पण किया।

    मंदिर में की गईं ये व्यवस्था

    पुरी में ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर के आसपास 800 करोड़ रुपये की विरासत गलियारा का निर्माण किया गया है। परिक्रमा मार्ग की परिधि 1300 मीटर है। मंदिर के चारों ओर इसके गलियारे की चौड़ाई 75 मीटर है, जिसमें पार्क, पूजा मंडप, शौचालय, बैठने के लिए बेंच, मोबाइल चार्जिंग स्टैंड, जूता स्टैंड आदि की व्यवस्था की गई है।

    सीएम पटनायक ने किया मंदिर का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री पटनायक निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पुरी पहुंचे और मंदिर परिक्रमा प्रकल्प का लोकार्पण किया। इसके बाद गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने तीन दिवसीय यज्ञ में पूर्णाहुति दी।

    पूरा जगन्नाथ धाम वेद मंत्र, संकीर्तन एवं हुलहुली की ध्वनि से गुंजायमान रहा। परिक्रमा परियोजना लोकार्पण उत्सव के चलते बुधवार को जगन्नाथ धाम में रथयात्रा की तरह माहौल देखने को मिला।

    पूरा मंदिर फूलों से सजाया

    पुरी में लाखों भक्तों का समागम हुआ। जगन्नाथ मंदिर को फूलों से सजाया गया था। सिंहद्वार में रंग बिरंगी पारंपरिक रंगोली बनायी गई थी। पश्चिम द्वार हो या उत्तर द्वार या फिर दक्षिण द्वार, सभी द्वार को भव्य तरीके से सजाया गया था।

    फेकेड इल्यूमिनेशन नीलचक्र हुआ आलोकित

    फेकेड इल्यूमिनेशन के जरिए जगन्नाथ मंदिर एवं नीलचक्र को आलोकित किया गया था। जगन्नाथ मंदिर के चारों तरफ रहने वाले मठ मंदिरों को भी आलोकित किया गया। इस खास मौके पर लोगों ने घरों में दीप जलाए। पुरी जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा प्रकल्प के लोकार्पण के बाद उन सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया गया, जिन्होंने इस परियोजना के सफल बनाने में घर व जमीन छोड़ी है।