Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jagannath Rath Yatra 2024: भाई-बहन के साथ गुंडिचा मंदिर पहुंचे महाप्रभु जगन्नाथ, आज मौसी घर में करेंगे प्रवेश

    Updated: Tue, 09 Jul 2024 11:29 AM (IST)

    Puri Jagannath Rath Yatra 2024 पुरी का जगन्नाथ धाम इन दिनों जनसैलाब में तब्दील हो चुका है। भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने और रथ को खींचने के लिए श्रद्धा ...और पढ़ें

    भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा पहुंचे महाप्रभु जगन्नाथ।
    भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ गुंडिचा पहुंचे महाप्रभु जगन्नाथ।

    HighLights

    1. रथयात्रा के दूसरे दिन भी पुरी में रथ खींचने को लाखों भक्तों का हुआ समागम
    2. देखने लायक था रथयात्रा के दौरान रथ की रस्सी पकड़ने के लिए भक्तों उत्साह

    जागरण टीम, पुरी। विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के लिए पुरी जगन्नाथ धाम जनसमुद्र में तब्दील है। रथयात्रा के दूसरे दिन यानी सोमवार को भी पुरी जगन्नाथ धाम में लाखों भक्तों का समागम हुआ। बड़े उत्साह के साथ भक्तों ने तीनों रथों को खींचकर गुंडिचा मंदिर के सामने तक पहुंचाया।

    सबसे पहले प्रभु बलभद्र का तालध्वज रथ, इसके बाद देवी सुभद्रा का दर्प दलन रथ एवं अंत में प्रभु जगन्नाथ का नंदीघोष रथ गुंडिचा मंदिर के सामने पहुंचा। इस दौरान, जय जगन्नाथ नयन पथ गामी भव तुमे... के उद्घोष से पूरा बड़दांड एवं श्रीक्षेत्र धाम गुंजायमान रहा।

    चतुर्धा विग्रह (भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा तथा शालिग्राम) रात में रथ पर ही रहेंगे और यहीं तमाम अनुष्ठान संपन्न होगा।

    मंगलवार को मौसी के घर प्रवेश करेंगे प्रभु जगन्नाथ

    मंगलवार को भाई-बहन संग महाप्रभु मौसी घर (गुंडिचा मंदिर) में प्रवेश करेंगे। रथयात्रा के दूसरे दिन, सोमवार को चतुर्धा मूर्ति का तमाम अनुष्ठान रथ के ऊपर ही किया गया। रथ के ऊपर दैनिक रीति-नीति संपन्न होने के बाद सबसे पहले बलभद्र जी के रथ को खींचा गया।

    इसके पीछे सुभद्रा जी के रथ एवं फिर अंत में जगन्नाथ जी के रथ को खींचा गया। तीनों रथों को खींचने के लिए दूसरे दिन भी लाखों भक्तों का हुजूम श्रीक्षेत्र धाम में रहा।

    घंट-घंटा एवं हरिबोल की ध्वनि से पूरा बड़दांड गूंजता रहा। बड़दांड मानो जनसमुद्र में तब्दील हो गया था। रथ की रस्सी पकड़ने के लिए भक्तों में उत्साह एवं जोश देखने लायक था।

    रथायात्रा में शामिल भक्त रथ पर विराजमान महाप्रभु का दर्शन करने के साथ-साथ रथ की डोरी स्पर्श कर खुद को धन्य मान रहे थे। कई भक्त तो ऐसे थे, जो रविवार से ही पुरी में डेरा डाले हुए थे।

    सोमवार की सुबह भी भक्त ट्रेन एवं बसों के जरिए पुरी पहुंचे और महाप्रभु की इस अनुपम यात्रा के साक्षी बने। तीनों ही रथ बिना किसी अड़चन के गुंडिचा मंदिर पहुंच गए हैं।

    भीड़ नियंत्रण के लिए एआइ की ली गई मदद

    उधर, विश्व प्रसिद्ध पुरी रथयात्रा को शांतिपूर्ण ढंग संपन्न कराने के लिए दूसरे दिन भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

    सुरक्षा घेरे एवं सीसीटीवी की निगरानी में पूरा श्रीक्षेत्र धाम को रखा गया था। 180 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बड़दांड को 6 जोन में विभक्त किया गया था।

    इस वर्ष रथयात्रा में यातायात नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद ली गई थी। इसके साथ ही अत्याधुनिक तकनीकी कौशल एवं सीसीटीवी कैमरा की मदद ली गई।

    यह भी पढ़ें: Jagannath Rath Yatra: दूसरे दिन भी खींचे गए महाप्रभु जगन्नाथ के रथ, लाखों भक्तों की उमड़ी भीड़; ऐसा रहा नजारा

    Puri Jagannath Rath Yatra के दूसरे दिन बारीपदा और नीलगिरी में निकाली जाती है यात्रा, महिलाएं खींचती है देवी सुभद्रा का रथ

    खबरें और भी