यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BJP के बरहमपुर सीट से उम्मीदवार प्रदीप पाणीग्रही ने PM मोदी को लिखा पत्र, सुरक्षा की कर दी मांग
भाजपा के बरहमपुर सांसद व उम्मीदवार प्रदीप पाणीग्रही ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। उन पर 13 मई को चुनाव के बाद हमला हुआ था। इसमें उ ...और पढ़ें

HighLights
- प्रदीप ने पीएम मोदी से कहा- मेरे ऊपर और हमला होने की है आशंका
- बीजद से प्रदीप पाणिग्रही का रहा है पुराना नाता
- भाजपा में शामिल होने के बाद बीजद पर लगातार हमलावर रहे हैं प्रदीप
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Odisha Politics : भाजपा के बरहमपुर सांसद उम्मीदवार प्रदीप पाणीग्रही ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए आवश्यक सुरक्षा की मांग की।
प्रदीप पाणिग्रही ने पीएम मोदी से मांगी मदद
पत्र में उन्होंने लिखा है कि मेरे ऊपर पिछले 13 मई को हमला हुआ था। हमले में छाती की हड्डी टूट गई है और फेफड़ों से खून का रिसाव हो रहा है। प्रदीप ने पत्र में कहा कि पुलिस और मतदान अधिकारी के साथ चर्चा के दौरान मेरे ऊपर हमला हुआ।
उन्होंने अपने ऊपर हुए हमले की जानकारी देने के साथ ही कहा है कि आगे चलकर मेरे ऊपर हमले होने की आशंका है। बरहमपुर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप पाणिग्रही ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह न केवल मेरी सुरक्षा के लिए बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी हस्तक्षेप करें।
बीजद से प्रदीप का रहा गहरा नाता
प्रदीप पाणिग्रही गंजाम ही नहीं, बल्कि ओडिशा की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा हैं। एक समय वह सत्तारूढ़ बीजद के शक्तिशाली नेता थे। गोपालपुर से विधायक रहने के दौरान वह लंबे समय तक हिंजली में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि थे।
वह 10 साल तक गंजाम जिला बीजद के अध्यक्ष भी रहे। नतीजतन, वह बीजद के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को जानते थे। 2014 और 2019 में, उन्होंने बीजद के गंजाम जिला चुनावों का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया। पार्टी फंड मैनेजमेंट से लेकर टिकट वितरण तक वह सब कुछ समझते थे।
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बीजद छोड़ भाजपा में हुए शामिल
भ्रष्टाचार में घिरने के बाद प्रदीप पाणिग्रही भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें बरहमपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद से वह बीजद लगातार हमलावर थे।
हर दिन बीजद के खिलाफ जहर उगल रहे थे। कभी मुख्यमंत्री तो कभी वी.के.पांडियन सभी की समालोचना कर रहे थे। शासक बीजद को खुली चुनौती दे रहे थे। इससे बीजद भी बैकफुट पर आ गई थी।
शिकायत है कि प्रदीप के ऊपर हमले में बीजद का हाथ है। आगे और विपद होने की बात को दर्शाते हुए प्रदीप ने प्रधानमंत्री से सुरक्षा की मांग की है। 13 मई को ओडिशा में पहले चरण का मतदान हुआ था। इसी दिन शाम के समय उनके ऊपर हमला हुआ था।