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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ओडिशा के कॉलेज कैंपस में अब सिगरेट नहीं फूंक सकेंगे टीचर, देना होगा एंटी ड्रग घोषणा पत्र; स्‍टूडेंट्स पर पड़ेगा असर

    Updated: Wed, 10 Jan 2024 09:34 AM (GMT+05:30)

    ओडिशा में अब कॉलेज परिसर पूरी तरह से नशा मुक्‍त होगा। न केवल छात्र-छात्राओं को बल्कि टीचर्स को भी एंटी ड्रग घोषणापत्र देना होगा। यह नियम राज्य के सभी ...और पढ़ें

    नशा मुक्त होगा कॉलेज केंपस: अध्यापक अध्यापिका देंगे एंटी ड्रग घोषणा पत्र।
    नशा मुक्त होगा कॉलेज केंपस: अध्यापक अध्यापिका देंगे एंटी ड्रग घोषणा पत्र।

    HighLights

    1. फैसले का 662 कॉलेज प्राचार्यों के संघ ने स्वागत किया है।
    2. नए नियम से कॉलेज कैंपस को नशा मुक्‍त कराने में मिलेगी मदद।
    3. अध्यापक-अध्यापिका नशा मुक्त नहीं होंगे तो इसका असर स्टूडेंट्स पर पड़ेगा।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। कॉलेज परिसर पूरी तरह से नशा मुक्त होगा। न केवल छात्र-छात्रा, बल्कि अध्यापक-अध्यापिका को भी अब एंटी-ड्रग घोषणा पत्र देना होगा। यह सिफारिश विधानसभा की स्थायी समिति ने किया है। यह जानकारी विधानसभा की स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह ने दी। इस फैसले का 662 कॉलेज प्राचार्यों के संघ ने स्वागत किया है।

    शिक्षण संस्‍थानों को देना होगा एंटी ड्रग डिक्लेरेशन 

    विधानसभा की स्थायी समिति की बैठक आज विधानसभा में हुई। समिति ने सिफारिश की कि कॉलेज परिसर को नशा मुक्त बनाया जाए। यह नियम राज्य के सभी प्लस टू, प्लस थ्री और विश्वविद्यालयों में लागू होगा।

    कुछ दिन पहले ही यूजीसी ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर छात्रों को एंटी ड्रग डिक्लेरेशन देने को कहा था। जिसे राज्य सरकार ने लागू कर दिया है।

    अब, विधानसभा की स्थायी समिति ने अध्यापक और अध्यापिका को नए नियमों के तहत एंटी-ड्रग घोषणापत्र देने की सिफारिश की है। इससे कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपस नशा मुक्त हो सकता है।

    टीचर्स देंगे नशा विरोधी घोषणापत्र

    662 कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष गोलक नायक ने कहा है कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है । सभी अध्यापक अध्यापिका नशा विरोधी घोषणापत्र देंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है।

    हम संगठन और अध्यापक अध्यापिकाओं की ओर से इसका स्वागत करते हैं। हम इसके लिए विधानसभा की स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह को धन्यवाद देते हैं।

    अगर अध्यापक-अध्यापिका नशा मुक्त नहीं होंगे तो इसका असर स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इसलिए हम नशा मुक्त होंगे और हमारे बच्चे नशा मुक्त होंगे।

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