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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IITF 2023 : इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में ओडिशा पवेलियन का हुआ उद्घाटन, महिला सशक्तीकरण पर जोर

    By Jagran NewsEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Tue, 14 Nov 2023 09:19 PM (IST)

    दिल्ली में आज से इंटरनेशनल ट्रेड फेयर की शुरुआत हुई। यह अंतरराष्ट्रीय मेला 14 नवंबर से लेकर 27 नवंबर तक चलने वाली है। दिल्ली में शुरू हुए अंतर्राष्ट्र ...और पढ़ें

    इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में ओडिशा पवेलियन का हुआ उद्घाटन
    इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में ओडिशा पवेलियन का हुआ उद्घाटन

    HighLights

    1. 20 नवंबर को ओडिशा दिवस मनाया जाएगा।
    2. IIFT का 42वां संस्करण वसुधैव कुटुंबकम: यूनाइटेड बाय ट्रेड थीम पर आयोजित

    डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर/दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ-2023) के 42वें संस्करण की शुरुआत हुई है। यह मेला 14 नवंबर से लेकर 27 नवंबर तक चलेगी। नई दिल्ली में आज से शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2023 में ओडिशा पवेलियन का अनावरण किया गया है।

    इसका उद्घाटन अशोक चंद्र पांडा, माननीय सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण, सार्वजनिक उद्यम और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री, ओडिशा सरकार द्वारा किया गया।

    इस दौरान संजय कुमार सिंह (आईएएस, प्रमुख सचिव, सूचना और जनसंपर्क विभाग, ओडिशा सरकार) और रविकांत (आईपीएस, रेजिडेंट कमिश्नर, ओडिशा सरकार) और अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी मौजूद रहे।

    मेले का आकर्षण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

    इस साल की प्रदर्शनी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें जनजातीय समूहों का मजबूत प्रतिनिधित्व है। वहीं, मेले में एक और प्रमुख आकर्षण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है।

    मिशन शक्ति पहल के अनुरूप ओडिशा पवेलियन महिला सशक्तीकरण पर भी जोर देता है। साथ ही लैंगिक समानता के लिए प्रदेश की प्रतिबद्धता और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका को दर्शाता है।

    इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर देश के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित व्यापार मेलों में से एक है, जो हजारों घरेलू और विदेशी प्रदर्शकों को अपने अद्वितीय उत्पादों, सेवाओं और पहलों को प्रदर्शित करने के लिए आकर्षित करता है।

    "वसुधैव कुटुंबकम: यूनाइटेड बाय ट्रेड" थीम

    दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित आईआईटीएफ का 42वां संस्करण "वसुधैव कुटुंबकम: यूनाइटेड बाय ट्रेड" थीम पर आयोजित है।

    इसी विषय को अपनाते हुए ओडिशा मंडप 'व्यापार के माध्यम से एकता' की भावना का प्रतीक है। यह एक सहयोगी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यहां व्यापार मेले में आदिवासी समूहों के प्रतिनिधित्व सहित विविध संस्कृतियों और समुदायों के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है।

    'महिला कारीगरों के लोकल प्रोडक्ट को प्रदर्शित किया जाएगा'

    इस साल प्रदेश के मंडप के प्रमुख आकर्षणों के बारे में जानकारी देते हुए अशोक चंद्र पांडा ने कहा कि ओडिशा पर्यटकों, खिलाड़ियों, उच्च शिक्षा चाहने वाले छात्रों, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा चाहने वाले लोगों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए एक आकर्षक स्थान है।

    उन्होंने कहा कि आईआईटीएफ-2023 में महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को सशक्त बनाने के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के दृष्टिकोण के अनुरूप ओडिशा मंडप ग्रामीण महिला कारीगरों द्वारा बनाए गए स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शित किया जाएगा।

    'लगभग दस लाख आगंतुक मेले में आते हैं।'

    व्यावसायिक दिनों और सामान्य दिनों के दौरान लगभग दस लाख आगंतुक मेले में आते हैं। लगभग 29 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, 15 देश, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय और विभिन्न क्षेत्रों के सैकड़ों निगम, एजेंसियां और निजी खिलाड़ी आईआईटीएफ-2023 को साल की सबसे समग्र वैश्विक व्यापार प्रदर्शनियों में से एक बनाने जा रहे हैं।

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    अशोक चंद्रा ने आगे यह भी कहा कि आगंतुकों को भारत की ग्रामीण संस्कृति को प्रतिबिंबित करने वाले ईंट के रंग के टेराकोटा कलाकृतियों के मॉडल को विस्तृत रूप से देखने का अवसर भी मिलेगा। इस साल राज्य मंडप प्रसिद्ध हथकरघा दुकानों और सरकारी विभागों सहित स्टॉलों का प्रदर्शन करेगा।

    ओडिशा के प्रसिद्ध उत्पादों का लाइव प्रदर्शन शामिल होगा

    आगंतुकों के अनुभव को बढ़ाते हुए मंडप में ओडिशा के प्रसिद्ध उत्पादों का लाइव प्रदर्शन शामिल होगा। कारीगर आगंतुकों को कच्चे माल को तैयार माल में बदलने की जटिल प्रक्रिया की जानकारी प्रदान करेंगे।

    विशेष रूप से मंडप टसर रेशम उत्पादों को प्रस्तुत करने में गर्व महसूस करता है। एक पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रिया पर प्रकाश डालता है, जो किसी भी कीड़े को नुकसान पहुंचाए बिना रेशम प्राप्त करता है। इससे टिकाऊ और नैतिक प्रथाओं के प्रति ओडिशा के समर्पण को दर्शाया जाता है।

    14 दिवसीय आईआईटीएफ के दौरान ही 20 नवंबर को ओडिशा दिवस मनाया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदर्शन के लिए राज्य के सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया गया है।

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