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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पांडियन के कब्जे में हैं नवीन पटनायक... असम के CM ने दोहराई अपनी बात, कहा- फाइव टी सचिव के इशारे पर होता काम

    Updated: Thu, 23 May 2024 02:32 PM (IST)

    Odisha News असम के मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्‍व सरमा आज संबलपुर स्थि‍त असमी साहित्य साधक लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ के साधना गृह का दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान ...और पढ़ें

    असम के मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्‍वा सरमा की फाइल फोटो।
    असम के मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्‍वा सरमा की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. पिछले कई वर्षों से परछाई की तरह साथ रहते हैं पांडियन
    2. हाईकोर्ट के जज से अकेले में बात करने का प्रस्ताव

    संवाद सहयोगी, संबलपुर। Himanta Biswa Sarma : असमी साहित्य साधक लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ का संबलपुर स्थित साधना गृह का दर्शन करने आए असम के मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत विश्वसरमा ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लेकर एक बार फिर दोहराया है कि मुख्यमंत्री पटनायक अब पांडियन के कब्जे में हैं और उनके इशारे पर काम करते हैं, जो गणतंत्र के लिए खतरा है।

    असम और ओडिशा की संस्‍कृति समान: हिमंत बिस्‍वा सरमा

    गुरुवार के पूर्वान्ह स्थानीय नेल्सन मंडेला चौक निकटस्थ असमी साहित्य साधक बेजबरुआ के साधना गृह का दर्शन करने आए असम के मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत ने कहा कि लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ असमी साहित्य और संस्कृति के पुरोधा हैं। उनके जीवन का कीमती समय संबलपुर में गुजरा, जहां उन्होंने अपनी साहित्य साधना की।

    संबलपुर के लोगों के सहयोग से उनके धरोहर को संरक्षित रखा गया है। उन्होंने असम की आराध्य देवी कामाक्षा और संबलपुर की आराध्य देवी समलेश्वरी का हवाला देते हुए असम और ओडिशा के लोगों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने की अपील करते हुए बताया कि असम और ओडिशा की जीवनधारा और संस्कृति लगभग एक समान है।

    पांडियन के इशारे पर काम करते हैं नवीन पटनायक: हिमंत

    मीडियाकर्मियों द्वारा चुनाव को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पिछले दस वर्षों से अकेले किसी के साथ नहीं मिलते।

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    उनके खासमखास वीके पांडियन हमेशा उनके साथ परछाई की तरह होते हैं और मुख्यमंत्री उनके इशारे पर काम करते हैं, जो गणतंत्र के लिए खतरा है। ऐसे में यह जानना जरुरी है कि इसके पीछे की सच्चाई क्या है।

    हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या अन्य न्यायाधीश द्वारा इस मामले की जांच करने और उन्हें मुख्यमंत्री से 10 मिनट तक अकेले में बात करने देने की जरुरत है। इससे साफ हो सकेगा कि ओडिशा सरकार मुख्यमंत्री चला रहे हैं या कोई अन्य।

    उन्होंने आश्चर्य जताया कि एक प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के बावजूद नवीन पटनायक केवल कुछ शब्द बोलते हैं और ओके कहकर बात खत्म कर देते हैं। असम के मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उनके साथ रहे और बेजबरुआ के साधना गृह का दौरा किया।

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