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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    किसी के पिता टैक्‍सी ड्राइवर, तो कोई है दर्जी... बेटों ने किया गर्व से सीना चौड़ा, बोर्ड की परीक्षा में आए अव्‍वल

    Updated: Mon, 27 May 2024 12:55 PM (IST)

    Odisha Board Result 2024 ओडिशा बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्‍ट कल जारी कर दिया गया है। मैट्रिक परीक्षा में एक टैक्सी ड्राइवर के बेटे ने 92 फीसदी नंबर प ...और पढ़ें

    मैट्रिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद परिवार के बीच खुशी मनाते होनहार छात्र आशुतोष ।
    मैट्रिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद परिवार के बीच खुशी मनाते होनहार छात्र आशुतोष ।

    HighLights

    1. परिवार की आर्थिक तंगी को कभी नहीं दोनों बच्‍चों ने समझा पढ़ाई में बाधा
    2. कड़ी लगन और मेहनत के बलबूते लहराया सफलता का परचम

    संवाद सहयोगी, कटक। Odisha Board Result 2024 : माध्यमिक शिक्षा परिषद (बोर्ड) द्वारा संचालित मैट्रिक, संस्कृत मध्यमा और राज्य मुक्त विद्यालय परीक्षा का नतीजा रविवार को घोषित किया गया। मैट्रिक परीक्षा में एक टैक्सी ड्राइवर के बेटे ने 92 फीसदी नंबर प्राप्त किया है। ठीक उसी प्रकार एक दर्जी का बेटा भी 90 फ़ीसदी से अधिक नंबर प्राप्त कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है। 

    दोस्‍तों से किताबें लाकर पढ़ता था आशुतोष

    कटक के रेवेंशा कोलिजिएट स्कूल में पढ़ने वाला छात्र आशुतोष साहू इस साल की मैट्रिक परीक्षा में कुल 600 नंबर में से 554 नंबर प्राप्त कर अपने स्कूल और परिवार का नाम रोशन किया है। वह 92 फ़ीसदी से अधिक नंबर प्राप्त किया है, जिसे लेकर उनके परिवार में रविवार को खुशी का माहौल दिखा।

    हालांकि, आशुतोष का कहना है कि उन्हें और अधिक नंबर की उम्मीद थी। ऐसे में वह रिचेकिंग के लिए आवेदन करेंगे। आशुतोष ने मीडिया से कहा कि मैं स्‍कूल के बाद रोज 7 से 8 घंटा पढ़ाई करता था। कुछ विषयों में ट्यूशन लेता था, लेकिन बाकी की पढ़ाई अपने आप करता था। परिवार की आर्थिक तंगी मैंने कभी भी पढ़ाई के लिए प्रतिबंध नहीं माना।

    कभी-कभी मैं अपने दोस्तों से जरूरत किताबें लाकर पढाई करता था, फिर बाद में उन्‍हें लौटा देता था इसलिए किसी को भी पढ़ाई के लिए गरीबी को एक प्रतिबंध के तौर पर मनाना नहीं चाहिए, बल्कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, लगन और ध्यान देकर पढ़ाई करना चाहिए।

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    बेटे को डॉक्‍टर बनते देखना चाहते हैं आशुतोष के पिता

    सफलता के लिए उन्होंने अपने पिता अशोक साहू जो कि पेशे में एक टैक्सी ड्राइवर है और माता सुकांति साहू और स्कूल तथा ट्यूशन के शिक्षकों को श्रेय दिया है। आशुतोष के पिता अशोक कुमार साहू एक टैक्सी ड्राइवर है और वह अपने बेटे को एक डॉक्टर के तौर पर देखने के लिए कड़ी मेहनत करते आ रहे हैं। आशुतोष भी अपने माता- पिता के सपनों को पूरा करने की भरसक कोशिश कर रहे हैं। आशुतोष बचपन से ही एक होनहार छात्र हैं।

    दर्जी के बेटे ने मनवाया अपना लोहा

    आशुतोष की ही तरह कटक सदर ब्लाॅक अंतर्गत गोपालपुर मां तारिणी विद्यापीठ विद्यालय के छात्र दीपक शाह ने मैट्रिक परीक्षा में 543 नंबर प्राप्त कर A1 ग्रेड हासिल किया है। वह श्री कोरुआं गांव के गुरुवारी साही श्याम बाबू शाह के बेटे हैं। दीपक को भी आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपने मुकाम के रास्‍ते चलना पड़ रहा है। 

    दीपक के पिता श्याम बाबू कटक झांझरीमंगला में एक दर्जी की दुकान में काम कर अपने परिवार का गुजरा करते हैं। ऐसे में दीपक की यह सफलता स्थानीय इलाके में पढ़ने वाले अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बन कर सामने आया है। 

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