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ओडिशा के अनुगुल में स्क्रब टाइफस का खौफ! एक की मौत, 10 से अधिक संक्रमित; प्रशासन अलर्ट

Published: Sat, 29 Aug 2026 03:20 PM (IST)

अनुगुल जिले के पबित्रापुर पंचायत में स्क्रब टाइफस के संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं।

एक की मौत

एक की मौत

HighLights

  1. अनुगुल के पबित्रापुर में स्क्रब टाइफस का प्रकोप, चिंता बढ़ी।

  2. एक व्यक्ति की मौत, दस से अधिक लोग संक्रमित हुए।

  3. प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में बताई, उपचार और सतर्कता जारी।

जागरण संवाददाता, अनुगुल। अनुगुल जिले के पाल्लहड़ा ब्लाक की पबित्रापुर पंचायत में स्क्रब टाइफस के संक्रमण ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीमारी की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोगों के संक्रमित होने की सूचना है। मृतक की पहचान सुमंत सेठी के रूप में हुई है। 

बताया गया कि उन्हें शुरुआत में बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द की शिकायत थी। जांच के दौरान स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। इसके बाद संक्रमित मरीजों को खमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।पाल्लहड़ा के सब-कलेक्टर रबींद्र कुमार पटेल ने खमार सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी से स्थिति की जानकारी ली। 

चार-पांच संक्रमित मरीजों का उपचार जारी

चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, एक मरीज की मौत हुई है, जबकि चार-पांच संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। आसपास के गांवों को भी सतर्क किया गया है।स्क्रब टाइफस ओडिशा के लिए नई बीमारी नहीं है। 

वर्ष 2023 में राज्य में इसके मामलों में तेजी से वृद्धि हुई थी। अक्टूबर 2023 तक 22 हजार से अधिक नमूनों की जांच में 2,820 संक्रमित मामले सामने आए थे और आठ मौतों की सरकारी पुष्टि हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने बहु-विषयक टीम भी ओडिशा भेजी थी। 

2025 में भी बीमारी का प्रभाव 

पश्चिमी ओडिशा के बरगढ़, सुंदरगढ़ और कालाहांडी समेत कई जिलों में संक्रमण अधिक सामने आया था। वर्ष 2025 में भी बीमारी का प्रभाव बना रहा। सुंदरगढ़ जिले में 31 अक्टूबर 2025 तक 1,546 पुष्ट मामले सामने आने की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई थी। ऐसे में पबित्रापुर में नए मामलों और एक मौत ने ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी की रोकथाम को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक जीवाणु से होने वाला संक्रमण है। संक्रमित चिगर यानी माइट के लार्वा के काटने से यह मनुष्य तक पहुंचता है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। कुछ मरीजों में काटने वाली जगह पर घाव या काला निशान भी दिखाई दे सकता है। 

चिगर के काटने से बचाव

समय पर पहचान और उपचार नहीं मिलने पर बीमारी गंभीर होकर शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती है। पबित्रापुर में सामने आए मामलों के बाद अब चुनौती संक्रमण को पंचायत के दूसरे गांवों तक पहुंचने से रोकने की है। इसके लिए संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच, सक्रिय निगरानी, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता और ग्रामीणों को चिगर के काटने से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना जरूरी होगा।