यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'भुवनेश्वर मेट्रो रेल केवल कल्पना से...', केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा सरकार पर फिर साधा निशाना
यह पहली बार नहीं है जब केंद्रीय मंत्री ने मेट्रो रेल परियोजना पर ओडिशा सरकार की आलोचना की है। उन्होंने पहले कहा था कि मेट्रो रेल परियोजना को राज्य और ...और पढ़ें

HighLights
- धन एवं विस्तृत परियोजना की जरूरत हैः प्रधान
- पहले कहा था कि मेट्रो परियोजना को राज्य और केंद्र के बीच उचित सहयोग के माध्यम से लागू करने की आवश्यकता है।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वरः केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर ओडिशा सरकार पर उसकी महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल परियोजना को लेकर निशाना साधा। प्रधान ने ओडिशा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मेट्रो रेल कल्पना मात्र से नहीं चल सकती है बल्कि मेट्रो रेल परियोजना के लिए धन खर्च करने पड़ते हैं और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करनी पड़ती है।
कांग्रेस का उदाहरण देते हुए प्रधान ने ओडिशा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले पहला चुनाव जीतने के बाद डाकघर बनाने की घोषणा की थी और दूसरे चुनाव के बाद पोस्टकार्ड और लेटर बॉक्स स्थापित किए थे। इसी तरह मेट्रो रेल परियोजना चल रही है।
यह पहली बार नहीं है जब केंद्रीय मंत्री ने मेट्रो रेल परियोजना पर ओडिशा सरकार की आलोचना की है। उन्होंने पहले कहा था कि मेट्रो रेल परियोजना को राज्य और केंद्र के बीच उचित सहयोग के माध्यम से लागू करने की आवश्यकता है।
पहला चरण लगभग 26 किलोमीटर की दूरी तय करेगा
गौरतलब है कि 16 अगस्त को, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने यातायात सर्वेक्षण, भू-तकनीकी जांच, स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव आकलन करने के बाद, डीपीआर पूरी की और इसे ओडिशा के मुख्य सचिव को सौंप दिया है। बहुप्रतीक्षित भुवनेश्वर मेट्रो रेल का पहला चरण लगभग 26 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
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20 स्टेशन होंगे
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, मेट्रो रेल परियोजना में 26 किलोमीटर के खंड में 20 स्टेशन होंगे। बीजू पटनायक हवाई अड्डा, कैपिटल अस्पताल, शिशु भवन, बापूजी नगर, भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन, राम मंदिर चौराहा, वाणी विहार, आचार्य विहार, जयदेव विहार, जेवियर स्क्वायर, रेल सदन, डमना चौराहा, पटिया चौराहा, केआईआईटी चौराहा, नंदन विहार, रघुनाथपुर, नंदनकानन प्राणी उद्यान, फूलपोखरी और त्रिशुलिया चौराहा (कटक) को कवर किया जाएगा।