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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Election 2024 : सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर BJP और BJD आमने-सामने, समीकरण में कहां है कांग्रेस?

    Updated: Thu, 28 Mar 2024 07:34 PM (GMT+05:30)

    Odisha Lok Sabha Election 2024 ओडिशा में सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल चुनाव मैदान में हैं। दोनों ही पार्टियों ने अपने-अप ...और पढ़ें

    Lok Sabha Election 2024 : सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर BJP और BJD आमने-सामने, समीकरण में कहां है कांग्रेस?
    Lok Sabha Election 2024 : सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर BJP और BJD आमने-सामने, समीकरण में कहां है कांग्रेस?

    जागरण संवाददाता, राउरकेला। Sundergarh Lok Sabha Seat : सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर वरिष्ठ भाजपा नेता व वर्तमान सांसद जुएल ओराम (Jual Oram) का सीधा मुकाबला बीजू जनता दल के प्रत्याशी पद्मश्री दिलीप तिर्की (Dilip Tirkey) के साथ हो सकता है।

    भाजपा की ओर से पहली सूची में इस सीट के लिए जुएल ओराम के नाम की घोषणा की गई। वहीं, बुधवार को जारी सूची में बीजद की ओर से सुंदरगढ़ सीट के लिए पद्मश्री दिलीप तिर्की (Dilip Tirkey) का नाम शामिल किया गया है।

    इधर, खास बात यह है कि कांग्रेस की ओर से अब तक इस सीट पर उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। वर्तमान स्थिति में कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे या चौथे स्थान पर हो सकते हैं।

    तीन बार कांग्रेस प्रत्याशी से हारे जुएल

    सुंदरगढ़ संसदीय सीट पर जुएल ओराम (Jual Oram) लगातार भाजपा की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हैं। इसमें तीन बार कांग्रेस प्रत्याशी से उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। पिछले दो चुनावों में बीजद के साथ जुएल ओराम से मुकाबला रहा था।

    भाजपा की ओर से 1991 जुएल ओराम को और 1996 में महेंद्र मांझी को मैदान में उतारा था, पर दोनों बार भाजपा के प्रत्याशी कांग्रेस की फ्रीदा टोप्नो से हार गए थे। जुएल ओराम 1998 में पहली बार एक साल के लिए सांसद रहे। 1999 में दूसरी बार सांसद चुने गए।

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    2004 में जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई थी। 2009 में कांग्रेस के हेमानंद बिस्वाल से हार का सामना करना पड़ा। सूत्रों की मानें तो उक्त चुनाव में जुएल ओराम भीतरीघात के शिकार हो गए थे।

    हालांकि, जुएल ने इसके बाद 2014 व 2019 में लगातार दो बार जीत दर्ज की है। 2014 में सुंदरगढ़ सीट से बीजू जनता दल की ओर से दिलीप तिर्की को पहली बार मैदान में उतराया गया था।

    इस चुनाव में जुएल से 18,829 मतों से हार गए थे। 2019 में बीजू जनता दल की ओर से हेमानंद बिस्वाल की बेटी सुनीता बिस्वाल को उतारा गया था और दिलीप से एक लाख से कम वोट मिले थे।

    तिर्की हॉकी के मैदान में दिखा चुके दमखम

    दिलीप तिर्की (Dilip Tirkey) का राजनीतिक जीवन अधिक लंबा नहीं है फिर भी बीजद जैसे मजबूत पार्टी का टिकट मिलने पर वे भाजपा के जुएल ओराम का मुकाबला कर सकते हैं। 2023 में पुरुष विश्वकप हॉकी मैच के सफल आयोजन के बाद दिलीप तिर्की की लोकप्रियता बढ़ी है।

    हॉकी के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखा चुके दिलीप तिर्की राजनीति के मैदान में क्या कर सकते हैं, यह देखना बाकी है। दूसरी ओर अब तक कांग्रेस की ओर से उक्त सीट के लिए किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है।

    हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि जर्नाधन देहूरी (Janradhan Dehuri) इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। बहरहाल, कभी उक्त सीट पर मजबूत रही कांग्रेस अभी भी समीकरण साध सकती है।

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