पुरी जगन्नाथ धाम में अक्षय तृतीया से शुरू होगी चंदन यात्रा, श्रीमंदिर प्रशासन ने तय किया पूरा कार्यक्रम
पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष की Chandan Yatra 2026 का कार्यक्रम छत्तीसा नियोग और नीति उपसमिति ने मंजूर कर दिया है। यह प्रमुख पर्व 20 अप्रैल ...और पढ़ें

श्री जगन्नाथ मंदिर में चंदन यात्रा। फोटो सोशल मीडिया

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संवाद सहयोगी, पुरी। श्री जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष आयोजित होने वाली चंदन यात्रा की नीति (कार्यक्रम) को छत्तीसा नियोग और नीति उपसमिति की बैठक में मंजूरी दे दी गई है। आगामी 20 अप्रैल से शुरू होने वाले इस प्रमुख पर्व को लेकर Jagannath मंदिर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
मंगलवार को मंदिर कार्यालय में मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलाधिकारी, एसपी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और वरिष्ठ सेवायत उपस्थित रहे। बैठक में आयोजन को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया गया।
इन तिथियों पर होंगे प्रमुख अनुष्ठान
20 अप्रैल को अक्षय तृतीया, 24 अप्रैल को नीलाद्रि महोदयाष्टमी, 30 अप्रैल को नृसिंह जन्म, 9 मई को भौंरी यात्रा निकाली जाएगी। इन विशेष दिनों में मंदिर का द्वार रात 3 बजे खुलेगा, जबकि सामान्य दिनों में सुबह 4 बजे दर्शन प्रारंभ होंगे।
अक्षय तृतीया पर विशेष कार्यक्रम
अक्षय तृतीया के दिन भोर 4 बजे मंगल आरती के साथ अनुष्ठान शुरू होगा। इसके बाद अवकाश, गोपाल बल्लभ नीति और सकाल धूप जैसी परंपराएं निभाई जाएंगी।

दोपहर में भोग मंडप के बाद द्वादश यात्रा प्रारंभ होगी और चल प्रतिमाएं चंदन यात्रा के लिए विमान पर प्रस्थान करेंगी। शाम को रथ निर्माण के लिए आज्ञामाला विजय होगी, जबकि रात 12:30 बजे तक पहुड़ नीति चलेगी।
नृसिंह जन्म पर विशेष आयोजन
30 अप्रैल को नृसिंह देव के जन्मोत्सव पर विशेष यज्ञ भोग, मध्याह्न धूप और द्वितीय भोग मंडप का आयोजन होगा। रात 12 बजे भगवान का प्रवेश होगा और 1:30 बजे तक जन्म नीति संपन्न होगी।
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भौंरी यात्रा का कार्यक्रम
9 मई को तड़के 3 बजे मंदिर के द्वार खुलेंगे। दोपहर तक देवताओं का विमान पर आगमन होगा। शाम को संध्या धूप, मइलम और पाना भोग के बाद चंदन ठाकुर की वापसी (बाहुड़ा) होगी।
व्यापक व्यवस्थाएं
चंदन यात्रा और उससे जुड़े आयोजनों के दौरान प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जाएंगे। नरेंद्र पोखरी क्षेत्र में विशेष सजावट की जाएगी।
इसके अलावा रास्तों पर जल छिड़काव, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।