यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
DRDO ने किया कम दूरी वाली वायु रक्षा प्रणाली VSHORADS का सफल परीक्षण, रक्षा मंत्री ने दी बधाई
Odisha News देश की वायु रक्षा प्रणाली और मजबूत हो गई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने कम दूरी वाली वायु रक्षा प्रणाली का सफल परीक्ष ...और पढ़ें

लावा पांडे, बालेश्वर। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने कम दूरी वाली वायु रक्षा प्रणाली का 28 और 29 फरवरी को लगातार दो-दो बार सफल परीक्षण किया है।
जानकारी के अनुसार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के चांदीपुर के परीक्षण स्थल से बेहद कम दूरी वाली वायु रक्षा प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया है। यह परीक्षण लगातार दो दिनों में दो बार किया गया।
सभी परीक्षण के दौरान मिशन के उद्देश्य को पूरा करते हुए लक्ष्यों को मिसाइलों ने रोका और तहस-नहस कर दिया। इस मिसाइल को दोहरी थ्रस्ट सॉलिड मोटर द्वारा संचालित किया जाता है और इसका उद्देश्य कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों को बेअसर करना होता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विगत दो दिनों के सफल परीक्षण को देखते हुए डीआरडीओ, भारतीय सेना को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि आधुनिक प्रौद्योगिकियों से लैस यह नई मिसाइल सशस्त्र बलों को मजबूती प्रदान करेगी तथा इससे हमारी ताकत बढ़ेगी।
कम दूरी वाली वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) एक मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से आरसीआई द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है।
मिसाइल में लघु प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली और एकीकृत एवियोनिक्स सहित नई तकनीकों को शामिल किया गया है, जो परीक्षणों के दौरान सफलतापूर्वक लक्ष्य को भेदने में सक्षम साबित हुआ। दो सफल परीक्षणों के दौरान डीआरडीओ और आईटीआर से जुड़े वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों का दल मौके पर मौजूद थे।