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    रथ यात्रा: संध्या दर्शन से मिलता है विशेष पुण्य, आज शाम 6 बजे बंद होंगे दर्शन; कल होगी बहुड़ा यात्रा

    By Laxmi Narayan PatnayakEdited By: Piyush Pandey
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 07:09 AM (IST)

    श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के गुंडिचा मंदिर में संध्या दर्शन का विशेष महत्व है, जिसे स्कंद पुराण में अत्यंत पवित्र बताया गया है। ...और पढ़ें

    जगन्नाथ रथ यात्रा। (जागरण)

    जगन्नाथ रथ यात्रा। (जागरण)

    HighLights

    1. गुंडिचा मंदिर में संध्या दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व।

    2. आज शाम 6 बजे दर्शन बंद, कल बहुड़ा यात्रा।

    3. लाखों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दर्शन कर पुण्य कमाया।

    जागरण संवाददाता, पुरी। श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के गुंडिचा मंदिर स्थित आड़प मंडप (महावेदी) में विराजमान रहने की अवधि को अत्यंत पवित्र माना जाता है।

    धार्मिक मान्यता है कि रथयात्रा के दौरान महाप्रभु के संध्या दर्शन का विशेष महत्व है। स्कंद पुराण में उल्लेख मिलता है कि तीनों काल में भगवान के दर्शन से जो पुण्य प्राप्त होता है, वह नवमी के संध्या दर्शन से भी प्राप्त हो जाता है।

    पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीजगन्नाथ के प्राकट्य के बाद महाराजा इंद्रद्युम्न ने सबसे पहले संध्या दर्शन के दिन ही महाप्रभु के दर्शन किए थे। इसी प्रकार श्रीरामानंदाचार्य ने भी इसी तिथि पर भगवान के दर्शन कर आत्मिक आनंद का अनुभव किया था। यही कारण है कि संध्या दर्शन के अवसर पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं।

    ‘नीलाद्रि महोदय’ के वर्णन के अनुसार, श्रीमंदिर में दस वर्षों तक दर्शन करने से जो पुण्य मिलता है, वही फल गुंडिचा मंदिर में एक दिन के दर्शन से प्राप्त होता है।

    वहीं, संध्या अथवा रात्रि के समय दर्शन करने से उसका पुण्य दस गुना अधिक माना गया है। नवदिवसीय रथयात्रा के दौरान संध्या दर्शन को आड़प मंडप में महाप्रभु के अंतिम दर्शन का अवसर भी माना जाता है।

    लोकमान्यता के अनुसार नवमी का दिन संध्या दर्शन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान के दर्शन के साथ ब्राह्मणों और भक्तों को महाप्रसाद का भोजन कराकर आध्यात्मिक संतोष प्राप्त करते हैं।

    इसी परंपरा के तहत आज सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के महावेदी दर्शन किए और महाप्रसाद का आनंद लिया। यह दुर्लभ अवसर वर्ष में केवल एक बार ही मिलता है।

    उधर, कल होने वाली बहुड़ा यात्रा को लेकर श्रीमंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन के अनुसार आज शाम 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद ‘चरमलागी’ सहित अन्य देव-नीतियां संपन्न की जाएंगी, जिसके उपरांत बहुड़ा यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचेंगी।