श्रीजगन्नाथ मंदिर के फंड में 1811 करोड़ की एफडी और 100 करोड़ बैंक में जमा, रोज होती है हुंडी की गिनती
श्रीजगन्नाथ मंदिर, पुरी के तीन फंडों में 1,811 करोड़ रुपये से अधिक की सावधि जमा है, जबकि विभिन्न बैंक खातों ...और पढ़ें

श्रीजगन्नाथ मंदिर के तीनों फंड में 1,811 करोड़ रुपये से अधिक की एफडी।
HighLights
श्रीजगन्नाथ मंदिर के तीन फंडों में 1,811 करोड़ रुपये की एफडी।
मंदिर के विभिन्न बैंक खातों में 100.70 करोड़ रुपये जमा हैं।
भक्तों के दान और संपत्ति का पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित।
संवाद सूत्र, पुरी। श्रीजगन्नाथ मंदिर, पुरी की आय मुख्य रूप से श्रद्धालुओं के दान, श्रीमंदिर की खदानों, सावधि जमा (एफडी) से मिलने वाले ब्याज, जमीन की बिक्री एवं अधिग्रहण तथा सरकारी अनुदान से होती है।
मंदिर प्रशासन आय का एक निर्धारित हिस्सा कॉर्पस फंड और दूसरा हिस्सा फाउंडेशन फंड के रूप में सावधि जमा में रखता है। शेष राशि मंदिर फंड में रखी जाती है, जिससे श्रीमंदिर के दैनिक खर्च का संचालन किया जाता है।
मंदिर फंड में बची राशि को भी एफडी में जमा किया जाता है। मंदिर की सभी संपत्तियों और निधियों का पारदर्शी एवं उचित प्रबंधन श्रीमंदिर प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।
श्रीजगन्नाथ मंदिर कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक श्रीमंदिर के तीनों फंड में कुल 1,811 करोड़ 9 लाख 58 हजार 283 रुपये सावधि जमा के रूप में रखे गए हैं। इनमें 1,311 करोड़ 9 लाख 58 हजार 283 रुपये विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा हैं।
वहीं, ओडिशा सरकार की ओर से प्रदान किए गए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड को श्रीजगन्नाथ मंदिर के पीएल (PL) खाते में रखा गया है। इसके अलावा, मंदिर के विभिन्न बैंक खातों में 100 करोड़ 70 लाख 66 हजार 868 रुपये जमा हैं। यह राशि सेविंग्स, करंट और फ्लेक्सी खातों में रखी गई है।
रोज होती है हुंडी की गिनती
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए मंदिर की निधियों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। कई स्तर पर निगरानी होती है।
श्रीजगन्नाथ मंदिर की हुंडी में प्राप्त दानराशि की प्रतिदिन गिनती की जाती है। हुंडी से प्राप्त राशि से संबंधित जानकारी सूचना पट्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाती है। इससे श्रद्धालुओं और आम लोगों को मंदिर में प्राप्त दानराशि की जानकारी मिलती रहती है।
मंदिर प्रशासन ने कहा है कि महाप्रभु के प्रति समर्पित भक्तों की दानराशि और मंदिर की संपत्ति का पारदर्शी एवं उचित प्रबंधन उसका प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य के तहत मंदिर की आय, जमा राशि और वित्तीय व्यवस्था से संबंधित जानकारी आम जनता और श्रद्धालुओं के समक्ष रखी जा रही है।
