यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Puri Jagannath Temple: रत्न भंडार में जांच के लिए आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल, जस्टिस बिश्वनाथ रथ ने दी जानकारी
पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में आने वाली समस्याओं को खत्म करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस बात की जानकारी निगरानी के लिए गठित उच् ...और पढ़ें

HighLights
- उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष जस्टिस बिश्वनाथ रथ ने दी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी
- रत्न भंडार के आसपास आशंका को दूर करने के लिए नवीनतम तकनीक का किया जाएगा इस्तेमाल
- अलमारियों को स्थानांतरित करने के लिए एक कमरे का चयन करने के बाद पूरा रत्न भंडार को खाली होगा
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे कि पुरी श्रीमंदिर की संरचना में कोई समस्या न हो और रत्न भंडार के आसपास किसी भी आशंका को दूर करने के लिए उपलब्ध नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
यह बात निगरानी के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष जस्टिस बिश्वनाथ रथ ने कही है। पुरी में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद, जस्टिस रथ ने बताया कि रत्न भंडार के अंदर कोई भी मरम्मत कार्य करने से पहले सभी अलमारियों और संदूकों को स्थानांतरित किया जाएगा।
अलमारियां स्थानांतरित करने के लिए होगा कमरे का चयन
मंदिर प्रशासन अलमारियों को स्थानांतरित करने के लिए एक कमरे का चयन करेगा और पूरे रत्न भंडार को खाली कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि यह कार्य पहले एसओपी में नहीं था, जिसे बाद में जोड़ा गया है।
जस्टिस रथ ने कहा कि समिति प्रमुख ने आगे कहा कि उन्होंने सर्वसम्मति से निरीक्षण के लिए नवीनतम तकनीक उपयोग करने का भी निर्णय लिया है।
इन्वेंटरीजेशन प्रक्रिया के लिए उठाए जाएंगे कदम
रिपोर्ट के आधार पर और अगर कुछ पाया जाता है, तो हम आगे बढ़ेंगे और रत्न भंडार की मरम्मत के लिए कदम उठाए जाएंगे। हम एसओपी में कुछ जोड़ने के लिए प्रबंध समिति को इसकी सिफारिश कर रहे हैं और बाद में इसे ओडिशा सरकार को भेजा जाएगा।
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मरम्मत कार्यों के बाद ही इन्वेंटरीजेशन प्रक्रिया के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी अनुष्ठान सुचारू रूप से आयोजित किए जाएं, सेवकों और अन्य लोगों सहित सभी हितधारकों के साथ चर्चा की जाएगी। फोकस इस बात पर रहेगा कि मंदिर की संरचना, उसकी सुरक्षा और संरक्षण पर कोई सवाल न उठे।