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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'भारत में बंद होने चाहिए मदरसे', रघुराज सिंह बोले- मुसलमानों के एक हाथ में कुरान, तो दूसरे में कंप्यूटर जरूरी

    By Jagran NewsEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sun, 29 Oct 2023 09:41 AM (IST)

    Raghuraj Singh उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के मंत्री रघुराज सिंह ने कहा कि भारत में भी मदरसे बंद होने चाहिए। मुस्लिम समुदाय की बेटियों के ...और पढ़ें

    रघुराज सिंह बोले- मुसलमानों के एक हाथ में कुरान, तो दूसरे हाथ में कंप्यूटर जरूरी
    रघुराज सिंह बोले- मुसलमानों के एक हाथ में कुरान, तो दूसरे हाथ में कंप्यूटर जरूरी

    HighLights

    1. उत्तर प्रदेश में आम बेटियों की तरह मिल रहा है मुस्लिम बेटियों को अधिकार
    2. उत्तर प्रदेश में मंत्रालय की मदद से 2.65 लाख गरीब कन्याओं का विवाह कराया

    शेषनाथ राय, भुवनेश्वर। मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए अरब और अमिरात की तर्ज पर भारत में भी मदरसे बंद होने चाहिए। यह बात ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में दैनिक जागरण से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के मंत्री रघुराज सिंह ने कही है।

    उन्होंने कहा कि मुसलमान के एक हाथ में कुरान जरूरी है, तो दूसरे में कंम्प्यूटर भी बहुत जरूरी है। ऐसा होने के बाद मुस्लिम समुदाय के बच्चे प्रतिस्पर्धी देश की धारा में बहेंगे और हीनता की भावना से दूर रहेंगे।

    विकास को लेकर कई मुस्लिम देश मदरसों को बंद कर चुके हैं, क्योंकि वहां पर प्रतिस्पर्धा नामक कोई पढ़ाई नहीं होती है। धर्म का अपना एक स्थान होता है, लेकिन विकास और तरक्की का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए मुस्लिम समाज को भी मदरसों को बंद करने के लिए खुद आगे आना चाहिए।

    मुस्लिम समुदाय की बेटियों के लिए क्या बोले मंत्री?

    मुस्लिम समुदाय की बेटियों की तरक्की को लेकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम अन्य बेटियों की तरह इनको अधिकार देना चाहते हैं। इन्हें अन्य बेटियों की तरह पढ़ने, लिखने और खेलने के लिए सामने आना चाहिए। सरकार हर तरह से मदद करने के लिए तैयार है।

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    'रूढ़ीवादी सोच को छोड़ना पड़ेगा'

    रघुराज सिंह ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की बेटियों के विकास के लिए रूढ़ीवादी सोच को छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मंत्रालय की मदद से 2.65 लाख गरीब कन्याओं का विवाह कराया है, जिनमें 65 हजार मुस्लिम कन्याओं का विवाह भी शामिल है।

    इसमें 75 हजार रुपये प्रति कन्या को कन्यादान के रूप में दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि साल 2018 में जब मैंने कार्यकाल संभाला, तब मंत्रालय के पास 800 करोड़ रुपये का फंड था, लेकिन जन कार्य में धन की कमी नहीं आई। मोदी और योगी सरकार ने इस मंत्रालय के लिए दिल खोलकर फंड दिया है।

    अब तक 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इतना ही फंड अभी मंत्रालय के पास उपलब्ध है। किसी भी समुदाय की बेटी के साथ कोई भी भेदभाव नहीं किया जा रहा है। इसलिए मैं मुस्लिम समुदाय की बेटियों से आह्वान करता हूं कि वह घर से निकलें और विद्यालयों में पहुंचे।

    सरकार आपकी मदद के लिए हर दम तैयार है। उत्तर प्रदेश में 18 मंडल और 75 जिले हैं। हर मंडल में अटल आवासीय विद्यालय दिये हैं। यहां 18 हजार गरीब परिवार के बच्चे पूरी तरह से निःशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं।

    चालू सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया था। उत्तर प्रदेश का यह विद्यालय आज पूरे भारत में आदर्श बन गया है। सिंह ने कहा कि पढ़ाई सर्वोपरि है।

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