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'यह मिट्टी हमारी... खनिज भी हमारे', MMDR बिल पर केंद्र के खिलाफ गरजे नवीन पटनायक; CM माझी को लिखा पत्र

Updated: Wed, 19 Aug 2026 07:57 PM (IST)

नवीन पटनायक ने केंद्र के एमएमडीआर संशोधन विधेयक को ओडिशा के हितों के खिलाफ बताया, राज्य के खनिज संपदा पर अधिकार कमजोर होने का आरोप लगाया।

MMDR बिल पर केंद्र के खिलाफ गरजे नवीन पटनायक, CM माझी को लिखा पत्र

MMDR बिल पर केंद्र के खिलाफ गरजे नवीन पटनायक, CM माझी को लिखा पत्र

HighLights

  1. नवीन पटनायक ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक को ओडिशा विरोधी बताया।

  2. राज्य के खनिज संपदा पर अधिकार कमजोर करने का आरोप लगाया।

  3. सर्वदलीय बैठक और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बीजद अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार के एमएमडीआर (खनन एवं खनिज विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक को ओडिशा के हितों के खिलाफ बताते हुए तीखा हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा की खनिज संपदा पर राज्य का अधिकार कमजोर करने की किसी भी कोशिश को यहां की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने की मांग की है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में नवीन पटनायक ने कहा कि वर्ष 2000 में जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और सरकार को ओवरड्राफ्ट पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन 2024 में सत्ता परिवर्तन के समय उनकी सरकार 50 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष छोड़कर गई।

उन्होंने दावा किया कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन और खनिज राजस्व के प्रभावी उपयोग से ओडिशा को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया गया।

नवीन ने कहा कि हाल ही में संसद से पारित एमएमडीआर संशोधन विधेयक ओडिशा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि इस विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा के पारित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में केवल बीजद सांसदों ने इसका जोरदार विरोध किया था।

खनिज संसाधनों पर नियंत्रण कम होने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ओडिशा, देश में क्रोमाइट, बॉक्साइट, लौह अयस्क, कोयला और मैंगनीज जैसे खनिजों का सबसे बड़ा भंडार रखने वाला राज्य है। इसके बावजूद नए कानून के जरिए राज्य के अधिकारों और नियंत्रण को सीमित किया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब खनन गतिविधियों का असर ओडिशा के लोगों को झेलना पड़ता है, तो राज्य को उसके संसाधनों से मिलने वाले राजस्व पर पूरा अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए।

जनता से एकजुट होने की अपील

नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा की खनिज संपदा राज्य की जनता की धरोहर है और इसकी रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों तथा लोगों को एकजुट होना होगा।

उन्होंने कहा कि ओडिशा और ओडिशावासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने राज्य की जनता से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की।

बीजद प्रमुख के इस बयान के बाद एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर राज्य की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।