'सूर्यास्त्र' रॉकेट ने ओडिशा में साधा सटीक निशाना; 150 और 300 KM रेंज, 'आत्मनिर्भर भारत' को मिली मजबूती
पुणे स्थित निबे लिमिटेड ने ओडिशा के चांदीपुर में भारतीय सेना के लिए 'सूर्यास्त्र' लंबी दूरी की रॉकेट प्रणाली का सफल परीक्षण किया। ...और पढ़ें

ओडिशा में 'सूर्यास्त्र' रॉकेट प्रणाली का सफल परीक्षण

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संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल (ओडिशा)। भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को बड़ी मजबूती देते हुए पुणे स्थित निजी कंपनी निबे लिमिटेड ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में 18 और 19 मई को ‘सूर्यास्त्र’ लंबी दूरी की रॉकेट प्रणाली का सफल परीक्षण किया।
इन परीक्षणों में भारतीय सेना के लिए विकसित 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर मारक क्षमता वाले दो अत्याधुनिक रॉकेटों ने बेहद सटीक निशाना साधकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 150 किलोमीटर रेंज वाले रॉकेट ने 1.5 मीटर की वृत्ताकार त्रुटि संभाव्यता (सीईपी) हासिल की, जबकि 300 किलोमीटर रेंज वाले संस्करण ने 2 मीटर सीईपी दर्ज की।
रक्षा क्षेत्र में सीईपी को किसी भी मिसाइल या रॉकेट की सटीकता का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। इसका अर्थ है कि लक्ष्य के आसपास निर्धारित दायरे में आधे प्रक्षेप्य गिरने की संभावना रहती है। इतनी कम सीईपी लंबी दूरी के गहरे स्ट्राइक अभियानों में इस प्रणाली की घातक सटीकता को दर्शाती है।

जानकारी के अनुसार, यह परीक्षण भारतीय सेना के खरीद आदेश के तहत किए गए। सूर्यास्त्र प्रणाली को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह लंबी दूरी से दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला कर सके और प्रक्षेपण प्लेटफॉर्म को दुश्मन की पहुंच से दूर रख सके।
इजरायली तकनीक के साथ स्वदेशी ताकत
‘सूर्यास्त्र’ को इजरायल की एलबिट सिस्टम्स की प्रिसिजन एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम (पल्स) तकनीक के भारतीय संस्करण के रूप में विकसित किया गया है। इसे निबे लिमिटेड और इजरायली रक्षा कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया है।
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परियोजना में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर स्वदेशी विनिर्माण और तकनीकी हस्तांतरण को शामिल किया गया है।
यह प्रणाली बहु-कैलिबर सार्वभौमिक रॉकेट लॉन्चर के रूप में कार्य करती है, जो विभिन्न प्रकार के रॉकेटों और लोइटरिंग म्यूनिशन को मॉड्यूलर पॉड्स के माध्यम से दागने में सक्षम है।
इसकी यही बहुमुखी क्षमता इसे भारतीय सेना की मौजूदा स्वदेशी प्रणालियों, विशेषकर पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर के लिए एक मजबूत पूरक बनाती है।
293 करोड़ के आपातकालीन खरीद आदेश के बाद परीक्षण
गौरतलब है कि भारतीय सेना ने जनवरी 2026 में लगभग 293 करोड़ रुपये के आपातकालीन खरीद आदेश के तहत सूर्यास्त्र प्रणाली की खरीद को मंजूरी दी थी। इस अनुबंध में दो सूर्यास्त्र लॉन्चर, एक सप्लाई-कम-लोडर वाहन, अतिरिक्त पुर्जे, गोला-बारूद, रॉकेट और तकनीकी सहायता शामिल है।
एनएसई में सूचीबद्ध निबे लिमिटेड रक्षा उपकरणों और प्रणालियों के निर्माण में तेजी से उभरती भारतीय कंपनी मानी जा रही है।
कंपनी पहले से ही पिनाका जैसी स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण कर रही है और नए विनिर्माण संयंत्रों व वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।