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ओडिशा में IMD का रेड अलर्ट! समुद्र तट पर जाने से रोक, 23 और 24 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश  

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:36 AM (IST)

IMD Weather Forecast के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के कारण ओडिशा में 23 और 24 सितंबर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. बंगाल की खाड़ी में गहरा अवदाब, ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी।

  2. 23-24 सितंबर को दक्षिण ओडिशा के जिलों में अति भारी वर्षा।

  3. नदियों में जलस्तर वृद्धि, बाढ़ की स्थिति के लिए तैयारी।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के अवदाब और फिर गहरे अवदाब में बदलने के साथ ही ओडिशा में बारिश का दौर तेज होने जा रहा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने 23 और 24 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

दक्षिण ओडिशा के गंजाम, गजपति और कोरापुट जिलों में सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश के कारण महानदी, ब्राह्मणी, सुवर्णरेखा और बुढ़ाबलंग जैसी नदियों में जलस्तर बढ़ने तथा कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार शाम तक निम्न दबाव का क्षेत्र सघन होकर अवदाब में बदल गया था। यह गोपालपुर तट से करीब 310 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था।

अगले 24 घंटे में इसके गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। अनुमान है कि बुधवार देर शाम यह विशाखापट्टनम के उत्तर से होकर तट पार करेगा। उस समय हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रणाली के चक्रवात में बदलने की संभावना नहीं है, लेकिन यह व्यापक और लगातार बारिश का कारण बनेगी।

संभावित मार्ग के अनुसार 24 सितंबर की दोपहर तक यह कोरापुट क्षेत्र से ओडिशा में प्रवेश करेगा। उस समय तक इसके कमजोर होकर अवदाब में बदलने की संभावना है, लेकिन इसके साथ भारी वर्षा जारी रहेगी।

राज्य में सोमवार से ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भुवनेश्वर समेत कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही।

मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार से बढ़ी वर्षा की तीव्रता का 23-24 सितंबर चरम प्रभाव देखने को मिलेगा। 25 सितंबर से पश्चिम ओडिशा में भी वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने 23 सितंबर के लिए गंजाम, गजपति और कोरापुट जिलों को रेड वार्निंग के दायरे में रखा गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा हो सकती है।

वहीं जगतसिंहपुर, कटक, कालाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, रायगड़ा, मलकानगिरि, पुरी, खोरधा और नयागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की गई है।

24 सितंबर को भी दक्षिण ओडिशा के विभिन्न जिलों में अति भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड और ऑरेंज वार्निंग जारी रहेगी। तटीय और उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एसओए) के पर्यावरण एवं जलवायु केंद्र के निदेशक डॉ. शरत चंद्र साहू ने कहा कि 23 सितंबर तक दक्षिण और तटीय ओडिशा के अधिकांश जिलों में लगातार वर्षा हो सकती है।

इसके बाद 23 से 26 सितंबर के बीच उत्तर और पश्चिम ओडिशा में भी व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार बारिश के कारण महानदी, ब्राह्मणी, सुवर्णरेखा और बुढ़ाबलंग नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है।

कृषि मौसम विज्ञानी प्रो. सुरेंद्रनाथ पशुपालक ने कहा कि 23 सितंबर को गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और कंधमाल जिलों में अत्यधिक वर्षा हो सकती है। 24 सितंबर को दक्षिण-मध्य और उससे सटे आंतरिक इलाकों में व्यापक बारिश तथा कुछ स्थानों पर अति भीषण वर्षा होने की संभावना है। 25 सितंबर से पश्चिम ओडिशा में बारिश का प्रभाव बढ़ेगा जबकि 26 और 27 सितंबर से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है।

इस बीच संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सोमवार को लोकसेवा भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

उन्होंने संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 11 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में जल संसाधन, ऊर्जा, अग्निशमन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सतर्क रहने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने को कहा गया है।

निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आवश्यक होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

समुद्र में मौसम खराब रहने की चेतावनी के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तत्काल तट पर लौट आने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। साथ ही फिलहाल रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं करने को कहा गया है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।