ओडिशा के किसान ने उगाया दुनिया का सबसे महंगा आम, कीमत सुन उड़ जाएंगे होश
ओडिशा के मलकानगिरी जिले के एक आदिवासी किसान देब मडकामी ने दुनिया के सबसे महंगे मियाजाकी आम की सफल खेती की है। ...और पढ़ें
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दुनिया का सबसे महंगा आम। (जागरण)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शेषनाथ राय, भुवनेश्वर। ओडिशा के मलकानगिरी जिले के एक आदिवासी किसान ने अपनी मेहनत से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।
तमसा गांव के किसान देब मडकामी ने दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल मियाजाकी आम की सफल खेती की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 1.5 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है।
लाल रंग, आकर्षक आकार और बेहतरीन स्वाद वाले इस विदेशी आम ने किसान को पहचान तो दिलाई, लेकिन अब यही आम उसकी चिंता का कारण बन गया है। चोरी के डर से किसान रातभर बगीचे की रखवाली कर रहा है। उसने पेड़ के चारों ओर बांस की घेराबंदी भी कर दी है।
बताया जा रहा है कि मियाजाकी आम का एक-एक फल एक किलो से अधिक वजन का है। ऐसे में पेड़ पर लगे आमों की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। गांव के लोग भी इस दुर्लभ आम को देखने के लिए किसान के बगीचे पहुंच रहे हैं।
चार साल पहले मिला था पौधा
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब चार वर्ष पहले सरबा कुमार बिसोई नामक व्यक्ति ने देब मडकामी को मियाजाकी आम का पौधा दिया था। उस समय उन्हें बताया गया था कि यह दुनिया की बेहद महंगी किस्म है। इसके बाद किसान ने पूरी मेहनत और सावधानी से पौधे की देखभाल की। अब पहली बार पेड़ में फल आए हैं।
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बिक्री को लेकर बढ़ी चिंता
हालांकि, आम पूरी तरह पक चुके हैं, लेकिन किसान के सामने सबसे बड़ी समस्या इसकी बिक्री को लेकर है। दूरदराज के आदिवासी इलाके में इतने महंगे आम खरीदने वाला कोई ग्राहक नहीं मिल रहा। किसान का कहना है कि आम बिक जाएं तो उसे राहत मिलेगी।
देब मडकामी ने कहा कि मुझे चार साल पहले इस आम का पौधा मिला था। अब इसमें फल आए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 1.5 लाख से 2 लाख रुपये किलो तक है। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसे कहां बेचूं। इन दिनों इसी चिंता में हूं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार और उद्यानिकी विभाग इस दिशा में मदद करें तथा उचित मार्केटिंग और निर्यात की व्यवस्था बनाई जाए, तो इलाके के किसान भी मियाजाकी आम की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं।
मियाजाकी आम की विशेषता
जापान में उगाया जाने वाला मियाजाकी आम अपनी अनोखी गुणवत्ता और महंगी कीमत के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
'एग ऑफ द सन' यानी 'सूर्य का अंडा' के नाम से मशहूर यह आम सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर यह खास आम शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
मियाजाकी आम में एंथोसायनिन, बीटा-कैरोटीन, फोलिक एसिड, पोटेशियम और विटामिन ए व सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि इसे प्राकृतिक रूप से शरीर को ताकत देने वाला फल माना जाता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार
इस आम में मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं (डब्ल्यूबीसी) के निर्माण को बढ़ावा देता है, जिससे शरीर संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।
त्वचा में लाता है प्राकृतिक निखार
मियाजाकी आम में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। यह कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जिससे त्वचा में कसावट बनी रहती है और झुर्रियां कम होने लगती हैं।
दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद
इसमें मौजूद पोटेशियम और फाइबर हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करता है।
आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक
मियाजाकी आम में भरपूर मात्रा में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए पाया जाता है, जो आंखों को स्वस्थ रखने और दृष्टि क्षमता को बेहतर बनाने में मददगार साबित होता है।
पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्त
डाइटरी फाइबर से भरपूर यह आम पाचन क्रिया को मजबूत करता है। इसके नियमित सेवन से पेट संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है और पाचन बेहतर बना रहता है।
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