Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Republic Day 2023: ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने फहराया तिरंगा, मिलेट्स मिशन की झांकी ने जीता पहला पुरस्कार

    By Jagran NewsEdited By: Roma Ragini
    Updated: Thu, 26 Jan 2023 02:25 PM (IST)

    Republic Day गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक शामिल हुए। राज्यपाल ने तिरंगा फहराया। वहीं नौ विभागों ने महात्मा ग ...और पढ़ें

    ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने फहराया तिरंगा
    ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने फहराया तिरंगा

    अनुगुल/ भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल ने गुरुवार को यहां महात्मा गांधी मार्ग पर राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड के दौरान सलामी ली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक शामिल हुए।

    दो साल तक कोरोना के कारण लगे प्रतिबंधों के कारण राज्य में गणतंत्र दिवस सही ढंग से नहीं मनाया गया था। इस साल का गणतंत्र दिवस पूरे ओडिशा में बिना किसी प्रतिबंध के मनाया गया। राज्य भर में गणतंत्र दिवस समारोह में स्कूल और कॉलेज में झंडा फहराया गया। गणतंत्र दिवस के समारोह में छात्रों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए ।

    बाजरे की खपत को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के अभियान को आगे बढ़ाते हुए ओडिसा मिलेट्स मिशन ने महात्मा गांधी मार्ग पर झांकी निकाली। इस झांकी को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार मिला।

    नौ विभागों ने निकाली झांकी

    ओडिसा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (OSACS), ओडिसा माइनिंग कॉरपोरेशन (OMC), अग्निशमन विभाग के साथ कृषि, पंचायती राज और पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण, पर्यटन हथकरघा, कपड़ा और हस्तशिल्प सहित ओडिशा सरकार के नौ विभागों ने झांकी निकाली, जिससे इन विभागों ने विभिन्न मुद्दे पर प्रकाश डाला।

    झांकी के अलावा, महात्मा गांधी रोड पर गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के मंडलों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किया, जिसे देखकर दर्शक झूम उठे। वहीं मोटरसाइकिल पर साहसी कार्य और स्केटिंग भी परेड के मुख्य आकर्षण रहे।

    खबरें और भी

    गंजाम के कवि सूर्यानगर की मंडलियों की ओर से घंटा मृदंग संगीत के साथ पासु मुख नृत्य प्रस्तुत किया गया, जबकि बौध जिले के कलाकारों ने सबर सबरूनी नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा, कालाहांडी जिले के भवानीपटना के कलाकारों ने बजसाल, सिंगारी और घुमुरा नृत्य किया और राज्य के रायगड़ा जिले के आदिम जनजातियों के सदस्यों ने धेम्सा नृत्य किया