यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन का AH9एN2 नहीं है कोई नया वायरस, घबराये नहीं: सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक के बयान से लोगों ने ली राहत की सांस
चीन में बच्चों में सांस की बीमारी का कारण बनने वाला एच9एन2 वायरस ने भारत में लोगों की नींद भी उड़ा दी है लेकिन ओडिशा के सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा के सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. निरंजन मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि चीन में बच्चों में सांस की बीमारी का कारण बनने वाला एच9एन2 वायरस कोई नया वायरस नहीं है और ओडिशा में इसका कभी पता नहीं चला है।
वायरस से घबराने की नहीं है जरूरत
डॉ मिश्रा ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों से हमें पता चला कि चीन में एक अज्ञात वायरस के कारण निमोनिया के मामले बढ़ रहे हैं। जब यह एक नई बीमारी होने की सूचना मिली ही थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही पुष्टि कर दिया कि यह वायरस नया नहीं है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। यह आमतौर पर फैलने वाला वायरस है।
अब तक आरएमआरसी की जानकारी कहती है कि असामान्य वायरस का कोई पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि पहले यह माइकोप्लाज्मा निमोनिया था। अब इन्फ्लूएंजा वायरस, एडेनोवायरस और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस है। ये आमतौर पर प्रसारित होने वाले वायरस हैं। हमारे यहां भी ये वायरस हैं, तो यह कोई नई बीमारी नहीं है।
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वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोध क्षमता पहले से विकसित
केंद्र सरकार ने भी कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है कि यह बीमारी भारत में आएगी। चूंकि ये वायरस आम तौर पर प्रसारित होने वाले वायरस हैं और हमने पहले ही उनके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है, लेकिन, हमें अपनी सतर्कता में कमी नहीं आने देनी चाहिए। हमें अपनी निगरानी बढ़ानी होगी।
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हमने जिलों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के खिलाफ निगरानी, परीक्षण और रिपोर्टिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है। हर जिले में कोविड टेस्ट भी चल रहे हैं और हमने उनसे कोविड परीक्षण बढ़ाने का भी अनुरोध किया है।"
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