पुरी रथ यात्रा में महाप्रसाद व दान के नाम पर ठगी का खेल, 42 फर्जी वेबसाइट और 212 वेब पेज ब्लॉक
रथ यात्रा से पहले साइबर ठग श्रद्धालुओं को महाप्रसाद और दान के नाम पर निशाना बना रहे हैं। पुरी पुलिस और ओडिशा क्राइम ब्रांच ने 42 फर्जी वेबसाइटों और 21 ...और पढ़ें

खिचड़ी के नाम पर फर्जीवाड़ा
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। रथ यात्रा से पहले साइबर ठग श्रद्धालुओं की आस्था को निशाना बनाने में जुट गए हैं। इंटरनेट मीडिया पर इन दिनों कुछ विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है। पुरी पुलिस का कहना है कि इस तरह के 100 से अधिक इंटरनेट लिंक को हटाया गया है। 9 नकली होटल वेबसाइट को ब्लॉक किया गया है।
महाप्रसाद एवं दान के नाम पर ठगी करने वाले 16 यूआरएल को बंद किया गया है। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने इस तरह के विज्ञापन को संदिग्ध बताते हुए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी है।
121 रुपये का योगदान देकर सेवा का हिस्सा बनने का दावा
एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि गुंडिचा यात्रा के पहले दिन 101 किलोग्राम खिचड़ी का वितरण किया जाएगा और श्रद्धालु 121 रुपये का योगदान देकर इस सेवा का हिस्सा बन सकते हैं। विज्ञापन के वायरल होने के बाद इसकी सत्यता को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने किसी भी ऑनलाइन दान या सेवा से जुड़ने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि रथ यात्रा के दौरान हर वर्ष महाप्रसाद, पूजा, भोग और अन्य धार्मिक सेवाओं के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट और इंटरनेट मीडिया पेज सक्रिय हो जाते हैं। इनके जरिए श्रद्धालुओं से धन उगाही की कोशिश की जाती है।
42 वेबसाइट और 212 वेब पेज किए गए ब्लॉक
ओडिशा क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।क्राइम ब्रांच के आईजी सार्थक सारंगी ने बताया कि अब तक अभड़ा (महाप्रसाद), पूजा और मंदिर सेवाओं के नाम पर ठगी करने वाली चार वेबसाइटों को बंद कराया गया है।
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उन्होंने कहा कि पुरी एसपी की ओर से लगभग 70 अधिकृत वेबसाइटों की सूची जारी की गई है। इसके अलावा 42 वेबसाइट और 212 वेब पेज ब्लॉक किए जा चुके हैं।कई लोग अभड़ा दान के नाम पर भी पैसे जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
होटल बुकिंग में भी बरतें सावधानी
क्राइम ब्रांच आईजी ने श्रद्धालुओं को सलाह दी कि किसी भी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से दान करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि कर लें। वहीं, पुरी में होटल बुकिंग के दौरान भी सीधे भुगतान करने से पहले होटल प्रबंधन से फोन पर संपर्क कर जानकारी सत्यापित करें। केवल गूगल सर्च के आधार पर किसी वेबसाइट पर भरोसा करना नुकसानदेह साबित हो सकता है।
रथ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और सत्यापित प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापन की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।