ओडिशा के पारादीप तट पर गहरे समुद्र में अवैध सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़, 3500 लीटर डीजल जब्त; 1 गिरफ्तार
ओडिशा के पारादीप तट पर समुद्री पुलिस ने गहरे समुद्र में जहाजों को अवैध रूप से ईंधन और अन्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ...और पढ़ें

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संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। ओडिशा के पारादीप तट पर समुद्री पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध का पर्दाफाश करते हुए गहरे समुद्र में जहाजों को अवैध रूप से ईंधन और अन्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले गिरोह को दबोचा है।
विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 3,500 लीटर अवैध डीजल जब्त किया है। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके दो अन्य साथी भागने में सफल रहे।
मोटर चालित नाव से हो रही थी तस्करी
जगतसिंहपुर जिला पुलिस के अनुसार, पुलिस की एक विशेष टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर पारादीप समुद्री पुलिस क्षेत्र में घेराबंदी की थी। अभियान के दौरान समुद्र में एक संदिग्ध मोटर चालित नाव को रोका गया। तलाशी लेने पर नाव से भारी मात्रा में डीजल बरामद हुआ, जिसे अवैध रूप से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने डीजल के साथ ही तस्करी में प्रयुक्त नाव और अन्य आपत्तिजनक सामग्री को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
आंध्र प्रदेश का निवासी है गिरफ्तार आरोपी
मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के निवासी सुन्नपल्ली नीलय्या के रूप में हुई है। वह वर्तमान में पारादीप के संधाकुडा इलाके में रहकर इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान नीलय्या के दो सहयोगी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने अब इस पूरे सिंडिकेट के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
सिम कार्ड से लेकर शराब तक की 'फ्लोटिंग डिलीवरी'
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह गिरोह केवल डीजल ही नहीं, बल्कि गहरे समुद्र में लंगर डाले विदेशी और घरेलू जहाजों के चालक दल को कई प्रतिबंधित और आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराता था। जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क के जरिए 'अवैध संचार' सक्रिय सिम कार्डों की आपूर्ति, मांस, सब्जियां, महंगी शराब और मादक पदार्थ, विदेशी मुद्रा और नकद का अवैध लेनदेन चल रहा था।
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तटीय सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
पुलिस इस मामले को केवल चोरी और तस्करी तक सीमित नहीं मान रही है। समुद्री सुरक्षा के लिहाज से जहाजों के साथ इस तरह के गुप्त संपर्क को एक गंभीर खतरा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं। फिलहाल, फरार आरोपियों की तलाश में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।