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    पुरी में संपन्न हुई श्रीजगन्नाथ की बहुड़ा यात्रा, लाखों भक्तों ने किए वापसी के दर्शन

    By Laxmi Narayan PatnaikEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Fri, 24 Jul 2026 05:13 PM (IST)

    पुरी में नौ दिवसीय रथयात्रा का समापन पवित्र बहुड़ा यात्रा के साथ हुआ, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के श्रीमंदिर वापसी ...और पढ़ें

    पुरी में संपन्न हुई श्रीजगन्नाथ की बहुड़ा यात्रा, लाखों भक्तों ने किए वापसी के दर्शन

    पुरी में संपन्न हुई श्रीजगन्नाथ की बहुड़ा यात्रा, लाखों भक्तों ने किए वापसी के दर्शन

    HighLights

    1. लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में बहुड़ा यात्रा संपन्न हुई।

    2. गजपति महाराज ने छेरा पहंरा की पारंपरिक रस्म निभाई।

    3. रथ पर फर्जी सेवक पकड़े जाने से सुरक्षा बढ़ी।

    जागरण संवाददाता, पुरी। भगवान श्रीजगन्नाथ की नौ दिवसीय रथयात्रा के समापन पर शुक्रवार को पवित्र बहुड़ा यात्रा श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुई। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर की ओर लौटे।

    इस दौरान पुरी के बड़दांड (ग्रैंड रोड) पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों भक्तों ने रथों के दर्शन किए और रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया।

    चतुर्धा विग्रहों की पारंपरिक पहंडी नीति संपन्न होने के बाद गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने तीनों रथों पर स्वर्ण झाड़ू से छेरा पहंरा की रस्म निभाई।

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    निर्धारित समय से लगभग एक घंटे पहले, अपराह्न 4:20 बजे "जय जगन्नाथ" और "हरिबोल" के जयघोष के बीच रथ खींचने की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं के उत्साह के चलते भगवान बलभद्र का तलध्वज, देवी सुभद्रा का दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ उसी दिन श्रीमंदिर सिंहद्वार के सामने पहुंच गया।

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    इससे पहले सुबह 11 बजे से पहंडी की शुरुआत चक्रराज सुदर्शन के साथ हुई। इसके बाद क्रमशः भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को रथों पर विराजमान कराया गया। लगभग दो घंटे तक चली इस पारंपरिक प्रक्रिया के बाद रथयात्रा आगे बढ़ी।

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    बहुड़ा यात्रा के दौरान मौसी मां मंदिर के समीप भगवान जगन्नाथ को परंपरा के अनुसार पोड़ा पीठा का भोग अर्पित किया गया।

    वहीं, राजनहर के समीप भगवान जगन्नाथ और माता महालक्ष्मी के बीच पारंपरिक लक्ष्मी-नारायण भेट की रस्म भी संपन्न हुई। पालकी में पहुंचीं माता महालक्ष्मी ने भगवान के दर्शन किए, रथ की परिक्रमा की और इसके बाद श्रीमंदिर लौट गईं।

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    प्रशासन के अनुसार, बहुड़ा यात्रा में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए ओडिशा पुलिस के 6,150 जवान, सीएपीएफ के 800 जवानों सहित करीब 13 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष रथयात्रा के दौरान कुल 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पुरी पहुंचे।

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    अब शनिवार को भगवानों का भव्य सुना वेश होगा, रविवार को अधरपाना नीति का आयोजन किया जाएगा, जबकि सोमवार को नीलाद्रि बीजे के साथ महाप्रभु पुनः श्रीमंदिर के रत्न सिंहासन पर विराजमान होंगे।

    बहुड़ा यात्रा में राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, सांसद संबित पात्र, राज्यसभा सांसद सुबाशीष खुंटिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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    श्रीमंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी, पुरी के जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिड़ा और पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने संपूर्ण आयोजन की व्यवस्थाओं की निगरानी की रथ यात्रा के दौरान मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बलभद्र के रथ से एक फर्जी सेवक को पकड़ा।

    रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा जांच के समय मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बलभद्र के रथ पर बिना अधिकृत अनुमति के मौजूद एक नकली (फर्जी) सेवक की पहचान कर उसे पकड़ लिया।

    इसके बाद संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी तथा केवल अधिकृत सेवकों को ही रथ पर चढ़ने की अनुमति देने के निर्देश दिए।