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    जगन्नाथ रथयात्रा से पहले ही पुरी के होटलों में ‘नो रूम’, मनमाने किराए के खिलाफ सरकार से जांच की मांग

    Updated: Thu, 21 May 2026 10:40 AM (IST)

    पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियों के बीच होटलों में अभी से बुकिंग फुल होने से श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है। भक्तों ने मनमाने किराए और बुकिंग मे ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, पुरी। विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां  अभी से जोर पकड़ चुकी हैं। आगामी 16 जुलाई को होने वाली रथयात्रा तथा 29 जून को देवस्नान पूर्णिमा के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है।

    इधर, रथयात्रा को लेकर सबसे बड़ी चर्चा का विषय पुरी में होटल और ठहरने की व्यवस्था बन गई है। जानकारी के अनुसार शहर में लगभग 700 होटल और करीब 200 होम स्टे मौजूद हैं, लेकिन अभी से अधिकांश कमरों की ऑनलाइन बुकिंग फुल बताई जा रही है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है।

    होटल किराए में भारी बढ़ोतरी 

    श्रद्धालुओं का आरोप है कि हर वर्ष रथयात्रा के दौरान होटल किराए में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। सामान्य दिनों में कम कीमत वाले कमरे भी उत्सव के समय कई गुना महंगे हो जाते हैं। इस बार भी कई स्थानों पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये या उससे अधिक किराया वसूले जाने की चर्चा है।

    बताया जा रहा है कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना अधिक श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना है। ऐसे में होटल बुकिंग वेबसाइटों और निजी आवास व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि अभी से सभी कमरे बुक दिखाए जा रहे हैं, तो प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए।

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    बुकिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग

    सामान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि होटल बुकिंग व्यवस्था की तत्काल जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा बाहर से आने वाले भक्तों के लिए उचित और सुलभ ठहरने की व्यवस्था की जाए, ताकि महाप्रभु की रथयात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।