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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Puri Jagannath Temple: 46 साल बाद फिर से खुलेगा रत्न भंडार, कल दोपहर इतने बजे का है शुभ मुहूर्त

    Updated: Sat, 13 Jul 2024 10:16 PM (GMT+05:30)

    46 साल के बाद एक बार फिर से पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर का पवित्र रत्न भंडार खुलने जा रहा है। रविवार को दोपहर 01 से 0130 बजे के बीच रत्न भंडार को पुन ...और पढ़ें

    रविवार को 46 साल बाद फिर से खोला जाएगा रत्न भंडार (फाइल फोटो)
    रविवार को 46 साल बाद फिर से खोला जाएगा रत्न भंडार (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पुरी जगन्नाथ मंदिर में तैनात रहेगी हेल्पलाइन और मेडिकल टीम
    2. रविवार दोपहर 01:30 बजे का है रत्न भंडार खोलने का शुभ मुहूर्त
    3. आखिरी बार रत्न भंडार को साल 1978 में खोला गया था

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Puri Jagannath Temple Ratna Bhandar Opening पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर का पवित्र रत्न भंडार 46 वर्ष बाद रविवार पुन: खुलने जा रहा है। रत्न भंडार में रखे रत्नों का मरम्मत किए जाने के साथ उसकी गिनती की जाएगी।

    महाप्रभु के रत्न भंडार में मौजूद आभूषणों की संख्या, गुणवत्ता, वजन, फोटो चित्र संबंधित डिजिटल कैटलाग भी तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में एक रेफरेंस डाक्युमेंट के तौर पर उपयोग किया जाएगा।

    राज्य के कानून मंत्री ने दी ये जानकारी

    इन तमाम प्रक्रियाओं में धार्मिक भावना, स्वच्छता एवं पारदर्शिता को महत्व दिया जाएगा। इस संदर्भ में प्रस्तुत एसओपी मंदिर प्रशासन को दी गई है एवं श्री मंदिर मुख्य प्रशासक को जरूरत के हिसाब से कार्य करने को कहा गया है। राज्य कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचन्दन ने उक्त जानकारी दी है।

    गौरतलब है कि रत्न भंडार आखिरी बार 1978 में खोला गया था। आज शाम मीडिया को जवाब देते हुए मंत्री हरिचंदन ने कहा कि रविवार को, भगवान के रत्न भंडार को निश्चित रूप से खोला जाएगा।

    हालांकि, मंदिर के मुख्य प्रशासक को निर्देश दिया गया है कि मंदिर के सेवादारों के साथ परामर्श करके समय सारिणी तय करें कि रत्न भंडार कितना बजे खोलना है। रत्नभंडार की मरम्मत और गिनती से संबंधित कार्य में अत्यधिक पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है।

    रत्न भंडार खोलने के लिए हुई बैठक

    सरकार ने यह भी तय कर लिया है कि कौन किस समिति में होगा। प्रत्येक कार्य विधि के अनुसार अनुसार किया जाएगा। रत्न भंडार खोलने को लेकर एसओपी को अंतिम रूप देने के लिए बैठक हुई और सरकार ने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

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    इन सभी प्रक्रियाओं के सुचारू संचालन के लिए मुख्य प्रशासक को निर्देश दिए गए हैं। एसओपी में सब कुछ स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। यह भी उल्लेख किया गया है कि कौन सी समिति क्या काम करेगी। रत्नों की गणना के दौरान रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

    इसी तरह यह भी तय कर लिया गया है कि भीतरी रत्न में कौन जाएगा। विभिन्न समितियों में मंदिर प्रबंधन के सदस्य, सेवादार, एएसआई प्रतिनिधि और आरबीआई के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के मुख्य प्रशासक इन समितियों के संचालन करेंगे।

    मंत्री हरिचंद ने क्या बताया?

    मंत्री हरिचंदन ने बताया कि पिछली बार रत्नभण्डर के आभूषणों की गणना में 70-72 दिन लगे थे, लेकिन इस बार तकनीक में सुधार हुआ है। हालांकि अभी से यह कहना संभव नहीं है कि इस काम में कितना समय लगेगा। मंत्री हरिचंदन ने स्पष्ट किया कि इन मरम्मत और गिनती के कारण भगवान के दर्शन या नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    हालांकि, उन्होंने कहा कि रत्न भंडार खोलना और गिनती करना एक संवेदनशील मुद्दा है ऐसे में कुछ चीजों को गोपनीय रखना जरूरी है। रत्न भंडार निगरानी समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने कहा है कि अब हम रत्न भंडार के खोलने को लेकर अभी हम एक बैठक करेंगे।वहां सभी आवश्यकताओं पर चर्चा की जाएगी।

    दोपहर 01:30 पर खोला जाएगा भंडार

    दोपहर 1 बजे के बाद शुभ मुहूर्त आ रहा है। ऐसे में दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच रत्न भंडार खोला जाएगा। चाबी से यदि रत्न भंडार का ताला नहीं खुलता है तो फिर ताला तोड़कर रत्न भंडार को खोला जाएगा।ताला तोड़ने के लिए टीम बुलाई गई है। स्नेक हेल्पलाइन और मेडिकल टीम भी स्टैंडबाय पर रहेगी।

    जरूरत पड़ने पर उन्हें अंदर जाना पड़ सकता है। अंदर कौन जाएगा, इस पर भी एसओपी है। निगरानी समिति के दो सदस्य, जिला कलेक्टर, ताला तोड़ने वाली टीम अंदर जाएगी। एएसआई टीम, भंडार मेकाप, तड़ाऊ करण भी अंदर जाएंगे। रत्न और आभूषणों को स्टोर करने के लिए मंदिर के अंदर पहले से ही जगह की पहचान की गई है।

    यहां उल्लेखनीय है कि 2018 में, तत्कालीन कानून मंत्री प्रताप जेना ने राज्य विधानसभा को सूचित किया था कि रत्न भंडार के पास 12,831 से अधिक भरी (एक भरी 11.66 ग्राम) सोने के गहने थे, जिनमें 22,153 भरी चांदी के बर्तन और अन्य सामान के साथ कीमती पत्थर लगे थे।

    इन्होंने की रत्न भंडार खोलने की सिफारिश

    गौरतलब है कि राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद रत्न भंडार जांच के लिए गठित जस्टिस अरिजित पशायत कमेटी को भंग कर जस्टिस विश्वनाथ रथ की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था।

    जस्टिस रथ कमेटी ने सरकार से रत्न भंडार खोलने के लिए सिफारिश किया था। कमेटी की निगरानी में रत्न भंडार खोला जाएगा और रत्नों की मरम्मत एवं गिनती की जाएगी। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया से पहले श्रीमंदिर मुख्य प्रशासक पद से वीर विक्रम यादव को हटाकर अरविंद पाढ़ी को नियुक्त किया है।

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