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    राउरकेला विमान हादसा: कंसर की संकरी गलियों में फंसा 'Plane', अब पुर्जे-पुर्जे काटकर निकाला जाएगा बाहर

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 08:31 PM (IST)

    राउरकेला के कंसर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त विमान को हटाने की कवायद तेज हो गई है। संकरे रास्ते के कारण विमान के पुर्जों को काटकर अलग किया जाएगा, जिसमें ...और पढ़ें

    राउरकेला हवाई हादसा।

    राउरकेला हवाई हादसा।

    HighLights

    1. विमान को संकरे रास्ते से हटाने के लिए पुर्जे काटे जाएंगे।

    2. बीमा मंजूरी के बाद ही विमान डिस्मेंटल का काम शुरू होगा।

    3. DGCA और AAIB ने दुर्घटना के कारणों की जांच पूरी की।

    जागरण संवाददाता, राउरकेला। भुवनेश्वर से राउरकेला आने के दौरान कंसर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुए यात्री विमान को हटाने की कवायद तेज हो गई है। हालांकि, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती विमान को उस संकरे और दुर्गम रास्ते से सुरक्षित बाहर निकालना है।  

    पुर्जों को काटकर किया जाएगा अलग  

    मंगलवार को विमान को 'डिस्मेंटल' (पुर्जे अलग करना) करने का ठेका लेने वाली एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया। विमान को वर्तमान स्थिति में सड़क मार्ग से ले जाना असंभव है, इसलिए एजेंसी ने तय किया है कि विमान के दोनों पंखों और अन्य प्रमुख हिस्सों को काटकर अलग किया जाएगा। 
     
    इसके बाद इन्हें क्रेन की मदद से बड़े ट्रेलर पर लोड कर शिफ्ट किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम तीन से चार दिन का समय और लग सकता है।  

    इंश्योरेंस टीम का इंतजार

    डिस्मेंटल का काम शुरू करने से पहले इंश्योरेंस कंपनी की क्लीयरेंस अनिवार्य है। इंश्योरेंस टीम के बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचने की संभावना है। टीम की विस्तृत जांच और रिपोर्ट के बाद ही तकनीकी कर्मचारी विमान को काटना शुरू करेंगे।  

    जांच दल ने पूरा किया काम 

    इससे पहले, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की 6 सदस्यीय और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की 4 सदस्यीय संयुक्त टीम ने सोमवार को अपनी जांच पूरी कर ली है। टीम ने घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं, जिससे हादसे के असली कारणों का पता चल सके।  

    क्या हुआ था शनिवार को? 

    बीते शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे, 9 सीटर वाले इस विमान ने भुवनेश्वर से उड़ान भरी थी। इसमें दो पायलटों सहित कुल 6 लोग सवार थे। 
     
    राउरकेला हवाई अड्डे से मात्र 8 नॉटिकल मील की दूरी पर तकनीकी खराबी आने के बाद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए खेत में आपात लैंडिंग कराई थी। इस हादसे में सभी 6 लोग घायल हुए थे, लेकिन सुखद बात यह रही कि सभी की जान बच गई।

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    क्षतिग्रस्त विमान को वर्तमान स्थिति में संकरे रास्ते से निकालना संभव नहीं है। इसलिए सुरक्षा मानकों और तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार विमान के दोनों पंखों समेत अन्य प्रमुख पुर्जों को काटकर अलग किया जाएगा। इसके बाद भारी क्रेन की मदद से विमान को ट्रेलर पर लोड कर सुरक्षित रूप से घटनास्थल से हटाकर निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।

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    नीतेश वाधवानी, एसपी, राउरकेला

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