यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ओडिशा के केंदुझर जंगल में नजर आया रॉयल बंगाल टाइगर, शान से कर रहा चहलकदमी, तस्वीरें हुई वायरल
देश के राष्ट्रीय पशु रॉयल बंगाल टाइगर की एक झलक केंदुझर जिले के घाटगांव वन रेंज में देखने को मिली है। इसकी उम्र तीन से चार साल के बीच में बताई जा रही ...और पढ़ें

जासं, भुवनेश्वर। पशु प्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि केंदुझर जिले के घाटगांव वन रेंज में एक रॉयल बंगाल टाइगर (आरबीटी) देखा गया। बंगाल टाइगर की हरकत एक कैमरे में कैद हो गई और तस्वीरें अब इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं।
बाघ की गतिविधि पर तैनात टीम की नजर
माना जा रहा है कि यह आरबीटी करीब 3-4 साल पुराना है। यानि कि इसकी उम्र 3-4 साल के बीच में है। संदेह है कि बाघ सिमलीपाल से करंजिया होते हुए सतकोसिया तक घटागांव पहुंचा है। सिमलीपाल लौटते समय बाघ की गतिविधि पकड़ में आयी है। ऐसे में इसकी सुरक्षा के लिए वन विभाग को सतर्क कर दिया गया है और जंगल में इसकी गतिविधि पर नजर रखने के लिए कई टीमों को तैनात किया गया है।

इलाके में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) ने वन विभाग को आरबीटी की आवाजाही पर नजर रखने के लिए और अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। यह पहली बार नहीं है जब आरबीटी को इलाके में देखा गया है। इस क्षेत्र में अकसर टाइगर सिमलीपाल से सतकोसिया तक घूमता है और घर वापस लौटता है। सूत्रों ने बताया कि 3-4 साल का बाघ अब अपना क्षेत्र बना रहा है।
बाघ से नहीं ग्रामीणों को खतरा
पीसीसीएफ सुशील कुमार पोपली ने कहा है कि हम ग्रामीणों को सतर्क करेंगे और उन्हें सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने कहा कि घटागांव क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों को कोई खतरा नहीं है क्योंकि वन विभाग बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने बाघ की रक्षा के लिए इसे एक मिशन के रूप में लिया है।