विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Staines murder case: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक- दारा सिंह की रिहाई खारिज करनी है तो करो, पर निर्णय लो

Published: Tue, 08 Sep 2026 11:42 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने ग्राहम स्टेंस हत्याकांड के मुख्य दोषी दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई की अर्जी पर ओडिशा सरकार को जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया है।

अदालत ने मामले को दो साल से लटकाए रखने पर नाराजगी जताई और 17 सितंबर तक अंतिम निर्णय प्रस्तुत करने को कहा।

अदालत ने मामले को दो साल से लटकाए रखने पर नाराजगी जताई और 17 सितंबर तक अंतिम निर्णय प्रस्तुत करने को कहा।

HighLights

  1. ओडिशा सरकार को 17 सितंबर तक निर्णय प्रस्तुत करने का आदेश।

  2. अदालत ने मामले में दो साल की देरी पर नाराजगी जताई।

जाटी, भुवनेश्वर/नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के चर्चित ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेंस और उनके दो मासूम बेटों की नृशंस हत्या के मामले में बड़ा रुख अपनाया है। 
 
शीर्ष अदालत ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिया है कि वह मामले के मुख्य दोषी रवींद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा में कटौती (समय पूर्व रिहाई) की अर्जी पर जल्द से जल्द फैसला करे।
 

आप मामले को लटकाकर नहीं रख सकते 

जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने राज्य सरकार की ढिलाई पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा क‍ि आप इस मामले को इस तरह लटकाकर नहीं रख सकते। 
 
यह भी कहा क‍ि अगर आप अर्जी खारिज करना चाहते हैं तो कर दीजिए, लेकिन कोई निर्णय तो लीजिए। अदालत ने चिंता जताई कि दो साल से इस विषय को टाला जा रहा है। 
 
राज्य सरकार ने सजा समीक्षा बोर्ड (Sentence Review Board) के फैसले के संबंध में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
 
राज्य सरकार के वकील ने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया था। 
 
हालांकि, पीठ ने 19 अगस्त के अपने पूर्व आदेश का स्मरण कराते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर तय की है और राज्य सरकार को उस दिन तक अपना अंतिम फैसला अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
 

26 साल से जेल में बंद है दारा सिंह 

63 वर्षीय दारा सिंह पिछले 26 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद है। उसने वर्ष 2024 में अपनी समय पूर्व रिहाई याचिका दायर की थी। इस मामले में उसका एक अन्य साथी महेंद्र हेम्ब्रम भी उम्रकैद की सजा काट रहा है। 
 
दूसरी ओर, ग्राहम स्टेंस की पत्नी ग्लैडिस स्टेंस, जो अपने पति के साथ ओडिशा में कुष्ठ रोगियों की सेवा करती थीं, उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्होंने अपने पति और बेटों के हत्यारों को दिल से माफ कर दिया है।


क्या था 1999 का दर्दनाक तिहरा हत्याकांड?


ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर गांव में 22-23 जनवरी 1999 की दरमियानी रात दारा सिंह की अगुआई वाली उग्र भीड़ ने इस वारदात को अंजाम दिया था।

ग्राहम स्टेंस और उनके दो छोटे बेटे- 11 वर्षीय फिलिप व 8 वर्षीय टिमोथी- अपनी स्टेशन वैगन गाड़ी में सो रहे थे, तभी भीड़ ने वाहन को आग के हवाले कर दिया था। तीनों की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई थी।

कानूनी प्रक्रिया का घटनाक्रम:

  •     2003: सीबीआई अदालत ने मुख्य आरोपी दारा सिंह को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।
  •     2005: ओडिशा उच्च न्यायालय ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदल दिया।
  •     2011: उच्चतम न्यायालय ने ओडिशा हाईकोर्ट के उम्रकैद के फैसले को बरकरार रखा।