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ओडिशा के बहुचर्चित तालचेर युवती हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, दोषी को उम्रकैद और 50 हजार जुर्माना

Published: Wed, 26 Aug 2026 09:46 AM (IST)

तालचेर युवती दुष्कर्म और हत्या मामले में ऑटो चालक बिशु गोछायत को अदालत ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

दोषी को उम्रकैद और 50 हजार जुर्माना ( प्रतीकात्मक तस्वीर )

दोषी को उम्रकैद और 50 हजार जुर्माना ( प्रतीकात्मक तस्वीर )

HighLights

  1. दोषी ऑटो चालक बिशु गोछायत को आजीवन कारावास।

  2. अदालत ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

  3. पुलिस एएसआई को लापरवाही के लिए फटकार लगाई गई।

जागरण संवाददाता, अनुगुल। तालचेर की बहुचर्चित युवती दुष्कर्म एवं हत्या मामले में अदालत ने आरोपित ऑटो चालक बिशु गोछायत (28) को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही पीड़िता के निकट संबंधियों को एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्देश दिया गया है।

मामले के अनुसार, 26 अप्रैल 2025 को कणिहा क्षेत्र की एक युवती घर से भुवनेश्वर जाने के लिए निकली थी। तालचेर रेलवे स्टेशन से वह तालचेर रोड स्टेशन जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुई थी। आरोप है कि ऑटो चालक बिशु गोछायत ने रास्ते में युवती के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपित ने शव को सड़क किनारे जंगल क्षेत्र में फेंक दिया और फरार हो गया।

4 मई को मिला था शव

युवती का शव 4 मई 2025 को बंरपाल थाना क्षेत्र के भोगबेरेणी पंचायत के केदुपल्ली गांव के पास से बरामद किया गया था। शव मिलने की खबर सामने आते ही पूरे ओडिशा में सनसनी फैल गई थी। इसके बाद बंरपाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद बिशु राज्य से बाहर भाग गया था। करीब 10 दिन बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले की जांच पूरी कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।

31 गवाह और 77 दस्तावेज बने आधार

मामले की सुनवाई अनुगुल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा एडहॉक जज (फास्ट ट्रैक) बिरंची नारायण मिश्र की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 31 गवाहों के बयान और 77 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बिशु गोछायत को दोषी ठहराया और आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

अभियोजन की ओर से डीडीपी गणेश कुमार बेहरा के मार्गदर्शन में सरकारी अधिवक्ता रंजन पात्र और प्रशांत कुमार रथ ने मामले की पैरवी की।

लापरवाही पर पुलिसकर्मी को फटकार

अदालत ने मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की। कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में पुलिस एएसआई रीतांजलि प्रधान को अदालत ने फटकार लगाई और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत के फैसले के साथ ही पीड़िता के स्वजन को एक लाख रुपये की सहायता देने का आदेश भी दिया गया है।