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तमिलनाडु एक्सप्रेस हत्याकांड: सूटकेस से मिले महिला के शव के टुकड़े, गुडुवनचेरी के किराये के मकान तक पहुंची जांच

Published: Sun, 23 Aug 2026 09:25 PM (IST)

तमिलनाडु एक्सप्रेस में लाल ट्रॉली बैग से महिला के क्षत-विक्षत शव के टुकड़े मिलने के मामले में जांच आगरा से चेन्नई के गुडुवनचेरी तक पहुंच गई है।

सीसीटीवी फुटेज में दंपती को सूटकेस लेकर चेन्नई जाते हुए देखा गया। (जागरण)

सीसीटीवी फुटेज में दंपती को सूटकेस लेकर चेन्नई जाते हुए देखा गया। (जागरण)

HighLights

  1. लाल ट्रॉली बैग में मिले महिला के क्षत-विक्षत शव के टुकड़े।

  2. जांच आगरा से चेन्नई के गुडुवनचेरी तक पहुंची, शरीर के और हिस्से मिले।

  3. दो संदिग्धों की पहचान, ओडिशा में तलाश जारी, मृतका हयातुन निशा।

जागरण संवाददाता, अनुगुल (ओडिशा)। तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में लाल ट्रॉली बैग से महिला के क्षत-विक्षत शव के टुकड़े मिलने के सनसनीखेज मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

आगरा से शुरू हुई जांच अब चेन्नई के गुडुवनचेरी स्थित एक किराये के मकान तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने मकान से महिला के शरीर के कुछ और हिस्से बरामद किए हैं।

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की है, जिनके ओडिशा भाग जाने की आशंका है। उनकी गिरफ्तारी के लिए तमिलनाडु पुलिस की तीन टीमें ओडिशा में तलाश कर रही हैं।

5 अगस्त को आगरा में खुला था खौफनाक राज

मामला पांच अगस्त को सामने आया था। चेन्नई सेंट्रल से नई दिल्ली जा रही ट्रेन संख्या 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक लाल रंग का लावारिस ट्रॉली बैग पड़ा था।

उससे तेज दुर्गंध आने और गहरे रंग का तरल पदार्थ बाहर निकलने की सूचना रेलवे हेल्पलाइन 139 पर दी गई थी। ट्रेन के आगरा कैंट स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी और आरपीएफ ने बैग को कब्जे में लेकर खोला। अंदर मानव शरीर के सड़े हुए और कटे हुए अवशेष मिले।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को बैग में चेन्नई से जुड़ी पैकिंग सामग्री भी मिली। इसके बाद आगरा जीआरपी ने जांच का रुख चेन्नई की ओर किया।

350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से खुली कड़ियां

आगरा पुलिस के इनपुट पर तमिलनाडु पुलिस और रेलवे पुलिस ने चेन्नई सेंट्रल स्टेशन तथा आसपास के इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली।

जांच में 350 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। फुटेज में एक पुरुष और महिला लाल ट्रॉली बैग लेकर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचते दिखाई दिए। दोनों ने बैग तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में रखा और बाद में खुद ट्रेन से उतर गए।

इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए दोनों की गतिविधियों को ट्रैक किया। वे चेन्नई पार्क रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से उपनगरीय ट्रेन से गुडुवनचेरी गए। आगे की फुटेज में दोनों को ऑटो रिक्शा से मस्जिद स्ट्रीट की ओर जाते देखा गया।

गुडुवनचेरी के बंद मकान ने खोले हत्या के राज

सीसीटीवी सुराग के आधार पर पुलिस गुडुवनचेरी की मस्जिद स्ट्रीट स्थित एक किराये के मकान तक पहुंची। मकान बंद मिला। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि वहां ओडिशा के दो लोगों समेत तीन लोग रह रहे थे।

मकान की तलाशी में मानव शरीर के कुछ और अवशेष मिले। पुलिस को एक बड़े बर्तन में भी शरीर के हिस्से मिले, जिसे बिरयानी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। घर के भीतर खून के निशान भी मिले हैं। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि हत्या के बाद शव के कुछ हिस्सों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी।

मृतका की पहचान हयातुन निशा के रूप में

पुलिस ने मृतका की पहचान हयातुन निशा (38) के रूप में की है। ताजा रिपोर्टों में उनके मूल स्थान को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है।

एक रिपोर्ट में उन्हें तमिलनाडु के परमाकुडी की निवासी बताया गया है, जबकि ओडिशा पुलिस से जुड़े इनपुट में उन्हें जगतसिंहपुर, ओडिशा से जोड़ा गया है। पुलिस की अंतिम आधिकारिक पुष्टि के आधार पर ही उनके मूल निवास को निश्चित माना जाना उचित होगा।

रिपोर्टों के अनुसार निशा चेन्नई के तांबरम क्षेत्र के पास एक निजी कंपनी में काम करती थीं। उनका 19 वर्षीय बेटा तांबरम में एसी मैकेनिक के रूप में काम करता है। निशा के लापता होने के बाद उनके बेटे ने पुलिस से संपर्क किया था।

मणिक उद्दीन लश्कर और भगवती माझी की तलाश

जांच में मणिक उद्दीन लश्कर और भगवती माझी को प्रमुख संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस ने दोनों की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए हैं। पड़ोसियों के अनुसार मकान में एक पुरुष और दो महिलाएं रह रही थीं।

पुलिस को आशंका है कि इन्हीं संदिग्धों का हत्या से संबंध है। हालांकि अभी दोनों गिरफ्तार नहीं हुए हैं और हत्या के कारण की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।

मोबाइल फोन के सिग्नल से पुलिस को संदिग्धों के ओडिशा पहुंचने के संकेत मिले हैं। इसके बाद चेन्नई पुलिस ने ओडिशा पुलिस से सहयोग मांगा है। तीन विशेष टीमें ओडिशा में अलग-अलग संभावित ठिकानों पर उनकी तलाश कर रही हैं।

अब भी सबसे बड़ा सवाल...निशा का सिर कहां है?

इस हत्याकांड की जांच में सबसे अहम सवाल मृतका के सिर को लेकर है। पुलिस को अभी तक सिर बरामद नहीं हुआ है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के बाद शरीर के हिस्सों को कहां-कहां ले जाया गया और सिर को कहां ठिकाने लगाया गया।

फिलहाल पुलिस हत्या के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की पूरी वजह, वारदात की परिस्थितियां और शव के टुकड़े करने के पीछे की साजिश का खुलासा होने की उम्मीद है।

आगरा जीआरपी और तमिलनाडु पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुडुवनचेरी के मकान से मिले साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही हैं।