यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या था मोहम्मद यूसुफ का मकसद? हवाई अड्डे से गिरफ्तार हुए शातिर का सच जानने में जुटी जांच एजेंसियां
भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार अफगान नागरिक मोहम्मद यूसुफ उर्फ याहा खान से एनआईए और आईबी पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि उसने फर् ...और पढ़ें

भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर गिरफ्तार अफगान नागरिक मोहम्मद यूसुफ उर्फ याहा खान से एनआईए और आईबी पूछताछ करेगी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और आइबी भुवनेश्वर एयरपोर्ट से गिरफ्तार अफगान नागरिक मोहम्मद यूसुफ उर्फ याहा खान से पूछताछ करेगी। राष्ट्रीय जांच दल (एनआइए) की टीम यह जानकारी हासिल करना चाहती है कि जेल में बंद मोहम्मद यूसुफ ने भारतीय पासपोर्ट कैसे हासिल किया और इसके पीछे उसका मकसद क्या था। जांच दल ने कोर्ट की अनुमति से जेल के अंदर उससे पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है।
इस बात की जांच की जा रही है कि यूसुफ ने पासपोर्ट व्यवसाय के लिए लिया था या किसी अन्य साजिश के तहत। दूसरी ओर कटक के पुरीघाट थाना के पेटिनसाही में रहने वाले यूसुफ का संपर्क प्रकाश में आने के बाद केंद्रीय खुफिया ब्यूरो ने वहां चार अफगान नागरिकों की मौजूदगी की जांच शुरू कर दी है।
यूसुफ के सभी पहचान पत्र फर्जी पाए जाने के बाद पेटिनसाही और निमशाही में रहने वाले तीन अफगान नागरिकों के पहचान पत्रों का सत्यापन किया गया है। पुरीघाट थाना पुलिस ने उनके कागजात की जांच की, वहीं सोमवार को केंद्रीय खुफिया ब्यूरो की दो सदस्यीय टीम भी वहां पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पता चला है कि वे 30 वर्षों से कटक में रह रहे हैं। जिस किराए के मकान में वे रहते हैं, उसके मालिक से भी उनके बारे में पूछताछ की गई है। शेर खान और आलम खान भी उसी जगह रह रहे हैं, जहां पेटिन साही से गिरफ्तार मोहम्मद यूसुफ रहता था। शेर खान का परिवार अफगानिस्तान में है।
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जांच के दौरान पता चला कि शेर अली खान नियमित अंतराल पर भारतीय पासपोर्ट पर अफगानिस्तान जाता था। यूसुफ और आलम दोनों अविवाहित हैं। चौथा व्यक्ति आमिर खान जगतसिंहपुर जिले में शादीशुदा है और अपनी पत्नी और परिवार के साथ निमशाही में किराए पर रहता है।
यूसुफ के अवैध कारोबार करने के सबूत मिले हैं, जबकि तीन अन्य कटक में ड्राई फ्रूट के कारोबार में शामिल हैं। यूसुफ, आलम और शेर 2017 से पेटिन साही में एक घर में रह रहे हैं। पहले वे किसी अन्य व्यक्ति के घर में किराए पर रहते थे। वहीं, एनआईए की एक टीम ने भुवनेश्वर एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन, इमिग्रेशन ऑफिस और एयरपोर्ट की तलाशी ली है। उन्होंने एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन इंचार्ज से शुरुआती जांच के बारे में पूछा।
एनआईए की टीम ने इमिग्रेशन अधिकारी से कई जानकारियां जुटाई हैं, क्योंकि मामला उनकी रिपोर्ट पर है। यूसुफ ने भारतीय पासपोर्ट लिया और एयरपोर्ट से दुबई और वहां से अफगानिस्तान तक बार-बार यात्रा की, लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि यह कैसे हुआ। यूसुफ का पासपोर्ट हासिल करने में हुई बड़ी चूक के पीछे कौन से पुलिसकर्मी थे, इसकी जांच चल रही है।