यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Odisha: शिक्षकों के आंदोलन के चलते छात्रों की पढ़ाई ठप, करीब दो लाख शिक्षक सड़कों पर, 40 लाख छात्र प्रभावित
ओडिशा में पिछले 8 सितंबर से पूरे राज्य भर में लगभग 1 लाख 30 हज़ार से अधिक टीचर्स अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। अब इस आंदोलन को लेकर न्याय के ...और पढ़ें

HighLights
- राज्य में शिक्षकों का आंदोलन जारी, लाखों छात्रों की पढ़ाई ठप
- "न्याय के लिए लड़ाई " संगठन ने NHRC मे दायर की याचिका
संवाद सूत्र, कटक। राज्य में चलने वाली शिक्षक आंदोलन के चलते लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य बिगड़ रहा है। उनकी पढ़ाई पर इस आंदोलन के चलते खासा असर पड़ रहा है। यह दर्शाते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानि एनएचआरसी में एक याचिका दायर की गई है।
"न्याय के लिए लड़ाई " संगठन के राज्य अध्यक्ष सुब्रत कुमार दास की ओर से यह याचिका दायर की गई है। जिसमें यह दर्शाया गया है कि राज्य के लगभग 1 लाख 30 हज़ार प्राथमिक शिक्षक और शिक्षिका पिछले विभिन्न मांगों को लेकर कुछ दिनों से आंदोलन चला रहे हैं।
8 तारीख से 1 लाख 30 हज़ार से अधिक धरने पर
राज्य सरकार के पास 5 दफाओं वाली मांगों को लेकर वह आंदोलन छेड़े हुए हैं। यह मांगे पूरा न होने के चलते सितंबर 8 तारीख से पूरे राज्य भर में लगभग 1 लाख 30 हज़ार से अधिक शिक्षक-शिक्षिका धरना पर बैठे हैं ।
यह भी पढ़ें: Odisha News:बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हैं तो हो जाएं सावधान, वरना घर पर पहुंचेगा चालान
जिसके चलते पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है। इसके द्वारा राज्य के लगभग 40 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। राज्य सरकार शिक्षकों की मांग को विचार में लेने के बजाय शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए दवाब डाल रहे हैं और उन्हें धमका रहे।
खबरें और भी
एनएचआरसी से हस्तक्षेप करने हुई मांग
ऐसे में शिक्षकों का आंदोलन राज्य भर में और तेज होने लगा है। इस मुद्दे पर एनएचआरसी (NHRC) को हस्तक्षेप करते हुए कार्रवाई करने के लिए आवेदनकर्त्ता की ओर से निवेदन किया गया है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो उसको सुनिश्चित किया जाए उसके लिए एनएचआरसी ठोस कदम उठाए ऐसी याचिका दायर की गई है।