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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एफसीआइ गोदाम को राउरकेला से हटाने का षड्यंत्र

    By JagranEdited By:
    Updated: Fri, 26 Aug 2022 04:03 AM (IST)

    राउरकेला स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के गोदाम को बंद कर अन्यत्र ले जाने का षड्यंत्र शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

    एफसीआइ गोदाम को राउरकेला से हटाने का षड्यंत्र
    एफसीआइ गोदाम को राउरकेला से हटाने का षड्यंत्र

    एफसीआइ गोदाम को राउरकेला से हटाने का षड्यंत्र

    जागरण संवाददाता, राउरकेला : राउरकेला स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के गोदाम को बंद कर अन्यत्र ले जाने का षड्यंत्र शुरू हो गया है। 12 हजार 5 सौ टन क्षमता वाले इस गोदाम में दो गोदाम की क्षमता पांच-पांच हजार टन है जबकि एक गोदाम की क्षमता ढाई हजार टन है। इसकी देखभाल के लिए 50 कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत थे पर अब मात्र चार कर्मचारियों से ही इसका काम चल रहा है। ढाई हजार टन क्षमता वाले एक गोदाम को राज्य सरकार को भाड़े पर दिया गया है। इसमें राज्य आपूर्ति विभाग का चावल व गेहूं रखा जा रहा है। अन्य दो गोदाम का 80 प्रतिशत हिस्सा खाली है। इसके बंद होने से राउरकेला समेत सुंदरगढ़ के विभिन्न ब्लाक के निवासियों को झारसुगुड़ा के गोदाम पर निर्भर होना पड़ेगा। सांसद जुएल ओराम व विधायक शारदा नायक ने इस तरह की योजना के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। राउरकेला स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में अब केवल 20 से 30 प्रतिशत ही चावल रखा जा रहा है। यहां पहले हजारों क्विंटल गेहूं रखा जाता था। दो गोदाम में बिल्कुल गेहूं नहीं है। गेहूं क्यों नहीं रखा जा रहा है, इसकी जानकारी स्थानीय प्रबंधन को नहीं है। चावल राउरकेला से 140 किलोमीटर दूर झारसुगुड़ा से आ रहा है। पहले यहां कर्मचारी व अधिकारियों को मिलाकर संख्या 50 से अधिक थी। अब केवल चार कार्यरत हैं। इनमें आफिस मैनेजर एक तथा तीन कर्मचारी हैं। यहां माल लोडिंग व अनलोडिंग के लिए स्थायी एवं अस्थायी श्रमिकों की संख्या तीन सौ से अधिक थी पर अब केवल 12 काम कर रहे हैं। राउरकेला एफसीआइ गोदाम को महत्व न देकर झारसुगुड़ा पर ध्यान दिया जा रहा है। जन वितरण प्रणाली में गेहूं की आपूर्ति नहीं होने के कारण 60 प्रतिशत उपभोक्ता इससे वंचित हैं। गेहूं नहीं होने के कारण उन्हें बदले में चावल दिया जा रहा है। एफसीआइ की बदहाली को लेकर राजनीतिक दल भी चुप्पी साधे हैं। ऐसे में किसी भी समय एफसीआइ गोदाम को बंद किया जा सकता है। ------ कोट ---------- एफसीआइ की इस हालत की जानकारी उन्हें नहीं है। आंचलिक अधिकारी से बातचीत कर स्थिति से अवगत होने के बाद आंदोलन होगा। किसी भी हाल में गोदाम को बंद नहीं होने दिया जाएगा। -जुएल ओराम, सांसद सुंदरगढ़ ----------- एफसीआइ गोदाम को बंद करने के लिए किसी तरह का षड्यंत्र होता है तो सहन नहीं किया जाएगा। बीजद की ओर से इसका विरोध होगा। अव्यवस्था की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा। -शारना नायक, विधायक, राउरकेला।