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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Odisha News: स्वास्थ्य विभाग में एक और घपले का पर्दाफाश, पकड़ी गई मशीन के रखरखाव के बहाने 87 लाख की हेराफेरी

    By Mahendra MahatoEdited By: Vinay Kumar Tiwari
    Updated: Tue, 18 Oct 2022 04:07 AM (IST)

    Odisha News- स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरम्मत के बहाने जिला खनिज कोष से 87 लाख की हेराफेरी की जा रही थी। जिला स्वास्थ्य विभाग को राज्य स्वास्थ्य एवं पर ...और पढ़ें

    Odisha News: मरम्मत के बहाने 87 लाख की हेराफेरी की जा रही थी।
    Odisha News: मरम्मत के बहाने 87 लाख की हेराफेरी की जा रही थी।

    राउरकेला, जागरण संवाददाता। Odisha News: सुंदरगढ़ जिला स्वास्थ्य विभाग में एक और घपला का पर्दाफाश हुआ है। बहुमुखी रक्त जांच के लिए उपलब्ध अत्याधुनिक ट्रूनेट मशीन की देखरेख एवं मरम्मत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से निदान कोष से राशि खर्च करने के लिए पत्र लिखा गया है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरम्मत के बहाने जिला खनिज कोष से 87 लाख की हेराफेरी की जा रही थी।

    जिला स्वास्थ्य विभाग को राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण विभाग से 19 ट्रूनेट मशीन मुहैया कराये गए थे। इसी तरह जिला खनिज कोष की सहायता से भी विभिन्न चरणों में 20 ट्रूनेट मशीन दिए गए हैं। आरंभ में इन मशीनों से कोरोना जांच हो रहा था। इन्हें जिला मुख्य अस्पताल के साथ विभिन्न अनुमंडलीय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को टीबी, डेंगू, मलेरिया आदि की जांच के लिए दिए गए हैं। वर्तमान में 12 से अधिक मशीन खराब पड़े हैं।

    माइक्रो चिप न होने से प्रभावित हो रही जांच

    इन मशीन के लिए आवश्यक माइक्रो चिप उपलब्ध नहीं होने के कारण बहुमुंखी जांच संभव नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर केट्रीज भी चार महीने से खत्म है एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से नया केट्रीज नहीं मंगवाया जा रहा है जिससे जांच बाधित हो रही है। इस परिस्थिति में जुलाई 2022 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्कालीन निदेशक शालिनी पंडित ने अस्पताल के सिवी नॉट एवं ट्रूनेट मशीन की देखरेख एवं मरम्मत का दायित्व केटीपीएल कंपनी को दिया था।

    87 लाख रुपये के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

    इसके साथ ही मशीनों को चालू करने के लिए निदान कोष से राशि खर्च करने का निर्देश दिया था। परंतु सुंदरगढ़ जिले के मशीनों को मरम्मत न कर यूं ही रख दिया गया। दूसरी ओर स्वास्थ्य मिशन की चिट्ठी मिलने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला खनिज कोष से ट्रू नॉट मशीन की देखरेख व मरम्मत के लिए 87 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया। इसे मंजूरी भी मिल गई। इस तरह राशि में हेराफेरी का मामला सामने आया है जिसकी जांच की जा रही है।

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    डा. सरोज कुमार मिश्र (जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी) का कहना है कि ट्रू नॉट मशीन की देखरेख के लिए योजना प्रस्तुत की गई थी। इसके लिए जिला खनिज कोष को प्रस्ताव दिया गया था। इसके लिए खनिज कोष से 87 लाख रुपये स्वीकृत भी कर दी गई थी पर राशि स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।