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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Odisha Heat Wave: ओडिशा के इन जिलों में 'लू' का कहर! हीटस्ट्रोक से 14 लोगों की मौत, भीषण गर्मी से लोग परेशान

    Updated: Sat, 15 Jun 2024 06:32 PM (IST)

    भीषण गर्मी के कारण ओडिशा के राउरकेला और सुंदरगढ़ जिले में करीब 46 लोगों की हीटस्ट्रोक की चपेट में आने से मौत हो गई है। इसकी पुष्टि शव के परीक्षण के बा ...और पढ़ें

    ओडिशा के इन जिलों में 'लू' का कहर! हीटस्ट्रोक से 14 लोगों की मौत
    ओडिशा के इन जिलों में 'लू' का कहर! हीटस्ट्रोक से 14 लोगों की मौत

    HighLights

    1. शुक्रवार को राउरकेला का अधिकताम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29.9 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज
    2. भीषण गर्मी के कारण लोग गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों के कारण घर के अंदर रहने को हैं मजबूर

    जागरण संवाददाता, राउरकेला। राउरकेला और सुंदरगढ़ जिले के बाकी हिस्सों में लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी के बीच पिछले तीन हफ्तों में कम से कम 46 लोगों के हीटस्ट्रोक की चपेट में आने की खबर है।

    शुक्रवार को राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) के पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग ने अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। जबकि वायुमंडलीय आर्द्रता 64 प्रतिशत रही।

    भीषण गर्मी से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

    राउरकेला से करीब 100 किलोमीटर दूर सुंदरगढ़ जिला मुख्यालय शहर में आईएमडी के स्वचालित मौसम केंद्र ने उस दिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान 41.6 डिग्री और 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।

    भीषण गर्मी ने जहां दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों के कारण घर के अंदर रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    हीटस्ट्रोक से 46 लोगों की मौत

    जिला आपातकालीन कार्यालय (डीईओ) ने कहा कि पिछले तीन हफ्तों में सुंदरगढ़ में हीटस्ट्रोक से 46 लोगों की मौत की शिकायतें मिली हैं। यहां शवों के परीक्षण के बाद 14 मौतों की पुष्टि हुई। गर्मी से संबंधित बीमारी (एचआरआई) के कारण हुई हैं, जबकि आठ हताहतों को अन्य कारणों से जिम्मेदार ठहराया गया है।

    मौतों के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शव परीक्षण अनिर्णायक होने के बाद 18 शवों के विसरा को आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया था। सूत्रों ने कहा कि चार मृतकों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट लंबित थी और दो संदिग्ध हीटस्ट्रोक पीड़ितों के परिवारों ने शवों का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमॉर्टम के ही कर दिया।

    पिछले 48 घंटों में इतने लोगों की हुई मौत

    हीटवेव का भयावह चेहरा 30 मई को सामने आया, जब सात घंटे से भी कम समय में राउरकेला सरकारी अस्पताल (आरजीएच) ने एचआरआई से पीड़ित 10 लोगों की मौत दर्ज की।

    पिछले 48 घंटों में, आरजीएच के साथ-साथ हाई-टेक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एचटीएमसीएच) और जेपी अस्पताल में नए हताहतों के साथ संदिग्ध हीटस्ट्रोक से मरने वालों की संख्या 20 हो गई।

    आरजीएच के सूत्रों ने किया ये दावा

    आरजीएच के सूत्रों ने दावा किया कि कुल चार एचआरआई रोगियों की आरजीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांच और तीन प्रभावित व्यक्ति आरजीएच से रेफर किए जाने के बाद एचटीएमसीएच और जेपी अस्पताल में इलाज के दौरान मर गए।

    खबरें और भी

    उसके बाद, हीटस्ट्रोक से छिटपुट मौतें होने की खबरें आती रहीं। गुरुवार दोपहर को शीतलपाड़ा इलाके के एक अधेड़ दिहाड़ी मजदूर कालू चरण नायक की मालगोदाम इलाके में अचानक मौत हो गई और आरजीएच में उसे मृत घोषित कर दिया गया। शव को शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

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