Asian Games 2026: चट्टान की तरह अड़ा चीन, फिर भी भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर रचा इतिहास
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को बुधवार को चीन के हाथों 1-3 की शिकस्त झेलनी पड़ी। भारतीय टीम को ब्रॉन्ज मेडल ...और पढ़ें

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी
HighLights
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
भारत को सेमीफाइनल में चीन के हाथों 1-3 की शिकस्त मिली
भारत ने 40 साल में पहली बार एशियन गेम्स में बैक टू बैक मेडल जीते
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को बुधवार को एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। भारत को सेमीफाइनल में चीन के हाथों 1-3 की शिकस्त सहनी पड़ी। हालांकि, भारत ने एशियन गेम्स में बैक टू बैक मेडल जीतकर इतिहास जरूर रचा।
बता दें कि भारत की तरफ से लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी को शिकस्त झेलनी पड़ी। सिर्फ सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी चीन के खिलाफ जीतने में सफल रही। आखिरी में हरिहरन और अर्जुन ने मुकाबला गंवा दिया, जिसके कारण भारत का सफर एशियन गेम्स 2026 में समाप्त हुआ।
भारत ने रचा इतिहास
बता दें कि भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने 40 साल में पहली बार एशियन गेम्स में लगातार दो बार मेडल जीते। भारत ने 2023 हांगझू एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। तब फाइनल में उसे चीन से शिकस्त मिली थी। मौजूदा एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम चीन की बाधा पार करने में नाकाम रही और उसे ब्रॉन्ज से संतुष्ट होना पड़ा।
लक्ष्य नाकाम, चिराग-रेड्डी की उम्दा जीत
वर्ल्ड नंबर-14 लक्ष्य सेन की सेमीफाइनल में भिड़ंत दुनिया के नंबर-6 शि यू की से हुई। भारतीय शटलर ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वो चीनी खिलाड़ी को मात देने में कामयाब नहीं हुए। लक्ष्य ने मुकाबला 16-21, 18-21 से गंवाया, जिससे भारत 0-1 से पिछड़ा।
इसके बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पेरिस ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट व मौजूदा वर्ल्ड चैंपियंस लियांग वी केंग और वांग चांग की जोड़ी को कड़े मुकाबले में 21-11, 21-20 से मात दी। भारत ने आईचीनोमिया सिटी मुनीसिपल जिम्नेशियन में चीन के साथ स्कोर 1-1 से बराबर किया।
शेट्टी नहीं बिखेर सके जलवा
युवा आयुष शेट्टी से भारतीय फैंस को काफी उम्मीदें थीं। मगर वर्ल्ड नंबर-20 उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और दुनिया के नंबर-12 ली शी फेंग के हाथों 19-21, 13-21 से मैच गंवा बैठे। इस तरह भारत सेमीफाइनल में 1-2 से पिछड़ गया।
भारत के पास बराबरी करने का मौका था। ऐसे में सारी उम्मीदें हरिहरन अमसकरुणन और एमआर अर्जुन पर टिकी थी, जिनकी भिड़ंत ही जी टिंग और लियू यी की जोड़ी से होनी थी। भारतीय जोड़ी ने कड़ी लड़ाई की, लेकिन 16-21, 21-17, 9-21 से मुकाबला गंवा बैठी। भारत इस तरह चीन के खिलाफ 1-3 से पिछड़ा और उसका सफर समाप्त हो गया। चीन ने जीत के साथ फाइनल में प्रवेश किया।
40 साल में पहली बार
बहरहाल, भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम की वाहवाही होना लाजिमी है। उन्होंने 40 साल में पहली बार एशियन गेम्स में बैक टू बैक मेडल जीते। इससे पहले 1982 और 1986 एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीते थे।
