Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Paris Olympics 2024: भारतीय एथलीट्स पेरिस की कसक को लॉस एंजिलिस में करेंगे दूर, ओलंपिक्‍स 2024 का हुआ शानदार समापन

    Updated: Mon, 12 Aug 2024 08:32 AM (IST)

    पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 का रविवार को रंगारंग समापन हुआ। भारत की तरफ से मनु भाकर और पीआर श्रीजेश हाथों में तिरंगा थामे उतरे। भारत ने पेरिस ओलंपिक्‍स में क ...और पढ़ें

    मनु भाकर और पीआर श्रीजेश ने समापन समारोह में भारत का झंडा थामा
    मनु भाकर और पीआर श्रीजेश ने समापन समारोह में भारत का झंडा थामा

    HighLights

    1. भारत ने एक रजत और पांच कांस्‍य सहित पेरिस में जीते कुल 6 पदक
    2. 2 मेडल एक ओलंपिक में जीतने वाली मनु भाकर पहली खिलाड़ी बनीं
    3. 52 वर्ष बाद हॉकी टीम ने ओलंपिक में लगातार दो कांस्य पदक जीते

    जेएनएन, नई दिल्ली। 26 जुलाई को शुरू हुए खेलों के महाकुंभ पेरिस ओलंपिक का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। भारत की ओर से मनु भाकर और पीआर श्रीजेश हाथों में तिरंगा थामे उतरे। 2021 टोक्यो ओलंपिक में एक स्वर्ण सहित सात पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीट भी पेरिस में नया इतिहास रचने उतरे थे, लेकिन उनका अभियान एक रजत और पांच कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ।

    दोहरी संख्‍या का सपना रहा अधूरा

    140 करोड़ देशवासियों को पेरिस में कम से कम 10 पदक जीतने की आशा थी, लेकिन हम टोक्यो के प्रदर्शन को दोहराने से भी चूक गए। दोहरी पदक संख्या की उम्मीद टूटने के बीच कुछ खिलाड़‍ियों का प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

    स्टार भाला फेंक नीरज चोपड़ा का स्वतंत्रता के बाद लगातार दो ओलंपिक में स्वर्ण और रजत जीतने वाला पहला खिलाड़ी बनना हो या फिर निशानेबाज मनु भाकर का एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनना। 52 वर्ष बाद हॉकी टीम का लगातार दो ओलंपिक पदक जीतना हो या अमन सहरावत का ओलंपिक पदक जीतने वाला सबसे युवा खिलाड़ी बनना।

    यह भी पढ़ें: पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 के समापन समारोह के पल-पल के अपडेट्स पढ़ने के लिए क्लिक करें

    मेडल जीतने का मौका गंवाया

    वहीं, छह स्पर्धाओं में हम मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूक गए। अगर ये पदक जीत जाते तो कुल पदकों के मामले में हम टोक्यो को पीछे छोड़ सकते थे, लेकिन पेरिस में स्वर्ण नहीं जीत पाने की कसक हमेशा ही रहेगी। पेरिस के प्रदर्शन से हमारे एथलीटों ने दिखाया कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में वे इस कसक को दूर करने का प्रयास करेंगे।

    खबरें और भी

    'मैं पेरिस ओलंपिक खेलों के समापन पर भारतीय दल के मेहनत की सराहना करता हूं। सभी एथलीटों ने अपना यहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और हर भारतवासी को उन पर गर्व है। हमारे खिलाड़‍ियों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं।'- नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

    पेरिस में भारत के पदक विजेता

    • नीरज चोपड़ा (भाला फेंक) : रजत पदक
    • मनु भाकर (निशानेबाजी) : कांस्य पदक
    • सरबजोत, मनु (निशानेबाजी) : कांस्य पदक
    • स्वप्निल कुसाले (निशानेबाजी) : कांस्य पदक
    • अमन सहरावत (कुश्ती) : कांस्य पदक
    • भारतीय हॉकी टीम : कांस्य पदक

    चौथे स्थान पर रहकर पदक चूके

    • मनु भाकर (25 मीटर रैपिड पिस्टल)
    • अर्जुन बबूता (10 मीटर एयर राइफल)
    • मीराबाई चानू (भारोत्तोलन 49 किग्रा)
    • लक्ष्य सेन (बैडमिंटन पुरुष सिंगल्‍स)
    • अंकिता-धीरज ( तीरंदाजी मिक्स्ड टीम)
    • अनंतजीत-महेश्वरी ( निशानेबाजी मिक्स्ड स्कीट टीम)

    पदक पर भारी पड़ा 100 ग्राम भार

    कुश्ती में विनेश फोगाट के 50 किग्रा वर्ग में पहुंचने के साथ ही कम से कम रजत पदक पक्का हो गया था, लेकिन 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, विनेश ने इस निर्णय के विरुद्ध खेल पंचाट में अपील की है, जिस पर निर्णय मंगलवार को आएगा।

    यह भी पढ़ें: दूसरा सबसे बड़ा दल और दूसरे सर्वाधिक मेडल, ओलंपिक के इतिहास में भारत को कब मिले कितने पदक