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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Weightlifting Olympics: Mirabai Chanu करीब आकर मेडल से चूकीं, फाइनल में मिला चौथा स्थान

    Updated: Thu, 08 Aug 2024 01:20 AM (IST)

    मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक-2020 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। पेरिस ओलंपिक खेलों में भी उनसे मेडल की उम्मीद थी। लेकिन मीराबाई इस बार मेडल जीतने ...और पढ़ें

    मीराबाई चानू पेरिस ओलंपिक में नहीं जीत सकीं मेडल
    मीराबाई चानू पेरिस ओलंपिक में नहीं जीत सकीं मेडल

    HighLights

    1. पेरिस ओलंपिक-2024 में मीराबाई चानू मेडल जीतने से चूक गईं
    2. मीराबाई चानू फाइनल में चौथे स्‍थान पर रहीं
    3. टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई ने जीता था सिल्वर मेडल

     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। विनेश फोगाट की मेडल से चूकने वाली खबर से जब पूरा देश निराश था तब बुधवार रात को देश को एक अच्छी खबर की उम्मीद थी। उम्मीद थी कि टोक्यो ओलंपिक-2020 में सिल्वर मेडल दिलाने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू एक बार फिर देश को खुशी से झूमने का मौका देंगी और दर्द को कुछ हल्का करेंगी। लेकिन मीराबाई फेल हो गईं। वह महिलाओं की 49 किलोग्राम वेट कैटेगरी में चौथे स्थान पर रहकर मेडल लाने से चूक गईं।

    इसी के साथ मीराबाई ओलंपिक खेलों में भारत के लिए दो मेडल जीतने वाली खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह बनाने से दूर रह गईं। भारत के लिए अभी तक सुशील कुमार, पीवी सिंधू और मनु भाकर ने ही दो ओलंपिक मेडल जीते हैं।

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    स्नैच में मिला तीसरा स्थान

    मीराबाई ने स्नैच में तीसरा स्थान हासिल किया। मीराबाई ने पहला अटैम्पट 85 किलोग्राम का रखा था जिसे वह आसानी से उठाने में सफल रहीं। वहीं दूसरा प्रयास उन्होंने 88 किलोग्राम भार तय किया लेकिन वह यहां फेल हो गईं। तीसरे प्रयास में हालांकि उन्होंने ये वजन उठा लिया। स्नैच राउंड का अंत मीराबाई ने तीसरे स्थान पर रहते हुए किया।

    क्लीन एंड जर्क में भी फेल

    इसके बाद क्लीन एंड जर्क में मीराबाई ने अपना पहला प्रयास 107 किलोग्राम का तय किया था, लेकिन साथी खिलाड़ियों को बेहतर करते देख उन्होंने अपने वजन बढ़ा दिया और पहला प्रयास 111 किलोग्राम का रखा। पहले प्रयास उनका फेल रहा। दूसरे प्रयास में मीराबाई ने ये वजन आसानी से उठा लिया। मेडल की रेस में बने रहने के लिए तीसरे प्रयास में उन्हें 114 किलोग्राम उठाना था लेकिन वह फेल हो गईं और चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गईं।

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